मध्यप्रदेश को छत्तीसगढ़ से जोड़ने वाली दमोह की लाइफ लाइन कही जाने वाली भोपाल बिलासपुर एक्सप्रेस ट्रेन के दस सितंबर तक बंद होने से हजारों यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा है। यह ट्रेन प्रदेश की राजधानी भोपाल से छत्तीसगढ़ के बिलासपुर तक 70 रेलवे स्टेशनों के बीच चलने वाली ट्रेन है।
भोपाल-बिलासपुर व बिलासपुर-भोपाल पैसेंजर ट्रेन को एक से दस सितंबर तक रद्द कर दिया गया है। इससे इन स्टेशनों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को खासी मुसीबत झेलनी पड़ रही है। ट्रेन बंद होने से रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है।
कटनी से लेकर दमोह, सागर और अन्य रेलवे स्टेशनों के छोटे-छोटे स्टेशनों सहित आसपास के गांव के ग्रामीणों के लिए बिलासपुर-भोपाल पैसेंजर ट्रेन आजीविका का साधन है, लेकिन रेलवे ट्रैक पर मेंटेनेंस की बात कहकर इस ट्रेन को बार-बार बंद कर दिया जाता है। जिससे 100 से अधिक गांव के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सलैया के यात्री निर्मल राय, रवि यादव ने बताया कि सुबह के समय कटनी से दमोह जाने के लिए कोई साधन नहीं है। मेमू ट्रेन आती है, लेकिन उनके लिए दोपहर तक रुकना पड़ता है। जिससे शाम को नहीं लौट पाते। यात्रियों का कहना है कि रेलवे द्वारा इस रूट से प्रतिदिन 90 से अधिक मालगाड़ियां एवं अन्य एक्सप्रेस ट्रेनें निकाली जा रही हैं, लेकिन केवल भोपाल-बिलासपुर ट्रेन को टारगेट बनाकर बार-बार बंद किया जा रहा है।
कटनी बिना मेमू ट्रेन चल रही है, लेकिन टाइमिंग सही नहीं होने से यात्रियों को विशेष लाभ नहीं मिल रहा। दूसरी ओर बिलासपुर जाने के लिए केवल दो, तीन साप्ताहिक एक्सप्रेस लंबी दूरी की ट्रेन हैं, जिसमें भीड़ होने की वजह से यात्रियों को घुसने की जगह नहीं मिलती है। साथ ही एक्सप्रेस ट्रेनें केवल बड़े स्टेशनों पर खड़ी होती हैं। जिससे उनका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्टेशन प्रबंधक जेएस मीणा का कहना है कि बिलासपुर रूट पर एनआई वर्क की वजह से भोपाल-बिलासपुर ट्रेन बंद है। काम पूरा होते ही 10 सितंबर से ट्रेन चालू हो जाएगी।