दमोह में बच्ची के लिए भटक रहा है लकवाग्रस्त पिता।
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पन्ना के सिमरिया गांव से मथुरा जाने के लिए एक बीमार पिता अपनी चार साल की बेटी के साथ निकला था। दमोह पहुंचने पर अस्पताल चौराहे के पास से उसकी मासूम बेटी लापता हो गई। बीमार पिता का कहना है कि बेटी का अपहरण हो गया है। बेटी के गायब होते ही पिता कोतवाली पुलिस में शिकायत करने पहुंचा। पुलिस ने उसे भगा दिया। इसके बाद एक वकील की मदद से वह एसपी ऑफिस अपनी शिकायत लेकर पहुंचा।
पन्ना ने सिमरिया गांव निवासी पूरन लाल रजक एक दुर्घटना ने अपनी पत्नी, बेटा और बेटी को खो चुका है। खुद लकवाग्रस्त है। पूरन अपनी चार साल की बेटी परमी को मथुरा ले जा रहा था। दमोह में उसकी बेटी लापता हो गई। लकवा पीडित पूरन ने बड़ी मुश्किल से बात की और बताया कि अस्पताल चौराहे पर एक महिला और पुरुष आए जो गुलाबी और पीले रंग के कपड़े पहने थे। जय गुरुदेव के नारे लगा रहे थे। मेरी बेटी को अपने साथ भंडारा खिलाने ले गए और मुझे अस्पताल में भर्ती करा दिया। इसके बाद से उसकी बेटी नहीं मिली।
अधिवक्ता राजेश कुमार ने बताया पूरनलाल को पत्नी, बेटी और बेटे की मौत से लकवा लग गया है। वह अपनी बेटी को लेकर मथुरा जा रहा था, अस्पताल चौराहे के पास से उसकी बेटी का दो लोगों ने अपहरण कर लिया है। पुलिस में उसकी शिकायत दर्ज नहीं हो रही। कोई व्यक्ति इस बीमार पिता को उनके पास लेकर आया था उन्होंने एसपी को आवेदन देकर बेटी की खोज करने की मांग की है।