दमोह जिले में जमीन के नीचे पेट्रोलियम गैस की खोज में लगातार (ओएनजीसी) ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन के द्वारा खुदाई की जा रही है। जबेरा और हटा ब्लॉक के बाद अब पथरिया में भी उम्मीद जागी है। यहां पर छिरका गांव में करीब ढाई किमी लंबी गहराई में बोर खनन करने के बाद गैस मिली है। इसलिए यहां पर अब आवागमन बंद कर दिया गया है।
निजी एजेंसी से बोर कराने का काम भी रोका गया है। ईंधन गैस कितनी मात्रा में है, इसका पता लगाने के लिए ओएनजीसी अब स्वयं ड्रिलिंग करेगी। इसी तरह सतपारा गांव के पास भी ड्रिलिंग का काम चल रहा है। बता दें कि इससे पहले यहां पर पिछले तीन महीने से बोर खनन का काम चल रहा था। जैसे ही सैंपल मिलने की पुष्टि हुई, अनुबंधित गैस सर्चिग एजेंसी शिव गंगा ने यह साइड ओएनजीसी के सुपुर्द कर दी। यहां से निजी एजेंसी अब सागर जिले के बंडा में खनन करने के लिए पहुंच गई है।
ओएनजीसी ने तीन साल पहले ली थी अनुमति
तीन साल पहले ओएनजीसी ने छतरपुर, पन्ना और दमोह के 2730.73 किमी एरिया में सिस्मिक सर्वे की अनुमति मांगी थी। खनिज विभाग से अनुमति मिलने के बाद गैस की सर्चिग का काम प्रारंभ हो गया था और हटा में सफलता भी मिली थी। यहां तक कि गैस निकालने के लिए एक आवेदन इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने किया था। उन्होंने हटा ब्लॉक में गैस कूप के पास करीब 1,500 वर्ग फीट की जगह लीज पर मांगी थी।
जबेरा और हटा में मिल चुके गैस के कुएं
इससे पहले मार्च 2021 में ओएनजीसी ने हटा ब्लॉक में कुआं नंबर-3 खोदा था, जिसमें प्रतिदिन 62,044 क्यूबिक मीटर गैस का उत्पादन मिला। यहां पर वैज्ञानिकों ने पहली बार सोन बेसिन से गैस उत्पादन क्षमता की पुष्टि की थी। इतना ही नहीं ओएनजीसी के निर्देशक आरके श्रीवास्तव ने स्वयं 29 मार्च 2022 को हटा आकर इस कुएं का स्थल पर निरीक्षण किया था और उन्होंने व्यावसायिक गैस होने की पुष्टि की थी। इससे पहले 1991 में साखा भजिया के पास जबेरा में कुआं नंबर 1 खोदा गया था, जिसमें प्रतिदिन लगभग 2000 क्यूबिक मीटर गैस का उत्पादन होना बताया गया था।