दमोह में सागर-जबलपुर हाइवे पर दिखाई दिया बाघ का जोड़ा।
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रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के नौरादेही में बाघों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। यही कारण है कि अब यह बाघ आम लोगों को सड़क पर भी दिखाई देने लगे हैं। सागर-जबलपुर स्टेट हाइवे पर बाघ का जोड़ा सड़क पर दिखाई दिया, जिसका वीडियो बनाकर कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। यह नजारा रोमांचित करने वाला है क्योंकि लोगों को इस तरह से सड़क पर बाघ देखने मिल रहे हैं। हालांकि, बाघों के इस तरह मुख्य मार्गो पर दिखाई देने से लोगों में भय का माहौल भी है। जो लोग रात के समय आवगमन करते थे, वह इन मार्गों से आने-जाने में भय खाने लगे हैं। एक महीने में कई बार बाघों को मुख्य मार्ग पार करते देखा गया है।
वर्तमान समय में नौरादेही में 19 बाघ है। जानकारी यह भी मिल रही है कि बाघों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, अभी विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है। शावक अभी भी गुफा में है और जो वयस्क हैं उन्होंने अपना- अपना ठिकाना अलग-अलग क्षेत्रों में बना लिया है। रात के यह बाघ एक से दूसरे स्थान घूमते रहते हैं।
कई लोगों का हुआ बाघों से सामना
जबलपुर-सागर स्टेट हाइवे नौरादेही अभयारण्य से होकर गुजरा है। नौरादेही की सीमा में यह मार्ग सिंगल रोड है, लेकिन आगे का मार्ग बन जाने के बाद इस मार्ग से आवागमन तेजी से बढ़ गया है। राहगीरों को रात के समय बाघ दिखने लगे हैं। इसकी पुष्टि कई लोगों ने की है। सुबह सागर से तेंदूखेड़ा पहुंचने वाली बसों के चालकों ने भी बताया कि रात के समय बाघ को मुख्य मार्ग पार करते हुए देखा था।
यहां दिखाई देते हैं बाघ
झापन रेंज और मुहली बेरियर के बीच पड़ने वाला जंगल काफी घना है। यहां शाकाहारी जानवरों के साथ कई तरह के जानवर हैं। बाघ इसी जगह पर घूमता रहता है और घूमते- घूमते मुख्य मार्ग पार करता है। राहगीरों और बस चालकों ने भी दोनों बैरियर के बीच बाघ को रात्रि के समय देखा है। वनकर्मी भी बाघ के एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने की पुष्टि करते हैं। हालांकि, वन कर्मियों का कहना रहता है कि बाघों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उनके मूवमेंट पर हमेशा ध्यान भी रखा जा रहा है। झलौन से सागर का जो मुख्य मार्ग है, वहीं से आवागमन रहता है। बाकी सभी मार्ग बंद करा दिए गए हैं। नौरादेही की उप-वन मंडल अधिकारी रेखा पटेल ने बताया कि नौरादेही में बाघों की सख्या में बढ़ोतरी हो रही है। सभी बाघों ने अपना अलग-अलग ठिकाना बना लिया है। जो मार्ग गांव की ओर जगल से होकर जाते थे, वह पूरी तरह बंद करा दिए गए हैं। सुरक्षाकर्मी 24 घंटे बाघों का मूवमेंट लिए रहते हैं। मुख्य मार्ग से बाघ दिखाई दिया होगा क्योंकि बाघ रात के समय ही भ्रमण पर निकलते हैं।