पौड़ी जलाशय फूटा, दो गांव पानी में डूबे
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दमोह जिले के तेंदूखेड़ा तहसील का पौड़ी जलाशय मंगलवार सुबह पांच बजे फूट गया, जिसमे दो गांव पानी में डूब गए। गांव में बने मकान, खेत खलिहान के साथ घर गृहस्थी का सामान सब कुछ जलमग्न हो गया। बचाव दल के साथ पुलिस प्रशासन पहले ही मौके पर पहुंच गया था। इसलिए जनहानि नहीं हो पाई। घटना के पूर्व ही अधिकारियों ने ग्रामीणों को सोमवार की रात गांव से निकालकर दूसरी जगह भेज दिया था। मंगलवार सुबह ज़ब जलाशय फूटा तो मौके पर मौजूद अधिकारी, पुलिस कर्मी भी पानी के तेज बहाव को देखकर दंग रह गये।
25 वर्ष पूर्व हुआ था निर्माण
पौड़ी जलाशय का निर्माण करीब 25 वर्ष पूर्व हुआ था। दर्जनों गांवों के लिए जलाशय से नहर निकाली गई थी। इस जलाशय से सिंचाई और मछली पालन बड़े पैमाने पर होता था। सोमवार की रात ज़ब ग्राम पौड़ी के लोग तालाब के पास पहुंचे, तो उसमें सुराख दिखा जिसमें से थोड़ा पानी निकल रहा था। इसकी सूचना जल संसाधन विभाग को दी गई। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ तेंदूखेड़ा तहसीलदार मोनिका बाघमारे और थाना प्रभारी श्याम बेन मौके पर पहुंचे और सुराख को बंद करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। उसके बाद तेंदूखेड़ा तहसीलदार मोनिका बाघमारे ने मामले से दमोह कलेक्टर मंयक अग्रवाल को अवगत कराया। जिनके निर्देश पर देर रात पुलिस प्रशासन ने दोनों गांव को खाली करवाना शुरू किया और तालाब फूटने के पूर्व वहां कोई भी ग्रामीण मौजूद नहीं था।
आठ फीट पानी में डूबे मकान
पौड़ी जलाशय बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है, जिसकी अभी पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन ज़ब जलाशय फूटा तो ग्राम पौड़ी और जेतगढ़ दोनों गांव पानी में डूब गये और यहां बने घर सात से आठ फीट पानी में डूब गये, मात्र दो से तीन फीट ही मकान पानी से बाहर दिखाई दे रहे हैं। जबकि खेत खलिहान और किसानों की सामग्री सभी तालाब के पानी में डूब गई। तेंदूखेड़ा एसडीएम अविनाश रावत, तेंदूखेड़ा तहसीलदार मोनिका बाघमारे, जनपद सीईओ मनीष बागरी, तारादेही थाना प्रभारी श्याम बेन, जवेरा टीआई इंद्रा सिंह, इमलिया चौकी प्रभारी आनंद अहिरवाल जिले से एसडीआर एफ की टीम के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम रात्रि में ही मौके पर पहुंच गई थी।
तहसीलदार मोनिका बाघमारे ने बताया कि तालाब में सुराख की सूचना रात आठ बजे के करीब मिली थी। जिस पर जल संसाधन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंची थी। सुराख से पानी का बहाव कम नहीं हुआ इसलिए दमोह कलेक्टर के निर्देश पर ग्राम पौड़ी और जेतगढ़ को खाली कराया गया। ग्रामीणों को उनके रिश्तेदार, तारादेही स्कूल और अन्य सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है पुलिस प्रशासन सुरक्षा में लगा है। इस संबंध में कलेक्टर मयंक अग्रवाल का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर सभी प्रकार की तैयारियां करते हुए ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।