मध्य प्रदेश स्थित हेमकुंट फाउंडेशन की पांच करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को जब्त किया गया है। ये कार्रवाई 2021 में कोविड के नाम पर एकत्रित राशि के गलत उपयोग के मामले में की गई है। इसकी जानकारी प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को दी है।
अधिकारियों का कहना है कि ये कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई है। इसके तहत अनंतिम रूप से कुर्क की गई संपत्तियों में खंडवा जिले में स्थित कृषि भूमि और भवन शामिल हैं। ईडी की ओर से बताया गया कि कुर्क की गई संपत्ति की कीमत 5.37 करोड़ रुपये है। ये भी बताया गया कि यह मामले में संपत्ति की जब्त का नया आदेश है, क्योंकि एजेंसी ने पहले गुरुग्राम में 43 करोड़ रुपये की जमीन और फाउंडेशन की 17.32 करोड़ रुपये की एफडी जब्त की थी।
बताया गया कि हेमकुंट फाउंडेशन ने कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान कोरोना से पीड़ित लोगों को राहत देने के नाम पर बड़े कॉर्पोरेट्स और आम जनता से 77.10 करोड़ रुपये का दान एकत्र किया था। दान की अधिकांश राशि का उपयोग एफडी, गुरुग्राम में जमीन खरीदने और निर्माण गतिविधियों में किया गया।
मामला दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की एक प्राथमिकी से सामने आया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि फाउंडेशन ने महामारी की दूसरी लहर के चरम के दौरान कोविड राहत और ऑक्सीजन आपूर्ति के नाम पर व्यक्तियों और कॉरपोरेट्स से करोड़ों रुपये जुटाए, लेकिन दान राशि का गबन कर लिया गया और व्यक्तिगत लाभ के लिए उपयोग कर लिया गया।