मध्यप्रदेश के देवास जिले में खुले में शौच की मजबूरी से होने वाली शर्मिंदगी और परेशानी के चलते अपने पति को छोड़कर मायके में रह रही दलित महिला के सामने उसके पति को आखिरकार झुकना पड़ा।
सविता के पति ने जब अदालत के सामने वादा किया कि वह अपने घर में शौचालय बनवाएगा, तभी वह ससुराल लौटने को राजी हुई। देवास के मुंडलाना में रहने वाले देवकरन मालवीय (30) का करीब सात साल पहले सविता (27) के साथ विवाह हुआ था।
सविता का लगभग तीन साल पहले पति से विवाद हुआ, तो वह अपने दोनों बच्चों के साथ मायके चली गयी। उसने भरण पोषण का खर्च पाने के लिए देवास की एक अदालत में अपने पति के खिलाफ मुकदमा भी दायर कर दिया।
मजिस्ट्रेट ने जब पति-पत्नी को समझाने के लिए उनके बीच सुलह वार्ता कराई, तो पता चला कि इस दंपति के बीच विवाद की जड़ उनके घर में शौचालय का न होना है।
इस पर पति देवकरन ने 10 जनवरी की अगली सुनवाई से पहले घर में शौचालय बनवाने का आश्वासन दिया। सविता ने पेशकश की कि यदि उसका पति अपने घर पक्का शौचालय बनवा लेता है, तो वह ससुराल लौटकर उसके साथ रहने को तैयार है।