इंदौर के महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आया है। फर्स्ट ईयर के छात्रों की शिकायत पर कॉलेज प्रशासन ने रविवार को आपात बैठक बुलाई। घटना की तहरीर देर रात पुलिस को दी गई है।
शिकायत में जूनियर छात्रों ने थर्ड ईयर के छात्रों पर प्रताड़ना, मारपीट के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि सीनियर छात्र फर्स्ट ईयर के छात्रों को बुलाकर गाली-गलौज करते हैं और फिर एक-दूसरे से चांटे लगवाते हैं। कभी भी उन्हें बुला लिया जाता है और उठक-बैठक लगवाई जाती है। छात्रों ने सीनियर के परेशान करने वाले और भी कई बिंदु शिकायत में लिखे हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि छात्रों ने शिकायत एमजीएम को न करते हुए दिल्ली में एंटी रैगिंग कमेटी को भेजी। वहां से ईमेल से एमजीएम प्रबंधन को सूचना मिली और फिर ताबड़तोड़ डीन डॉ. संजय दीक्षित के निर्देश पर एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक हुई।
बताते हैं कि अब तक ये पता नहीं चला है कि रैगिंग के शिकार छात्र कौन हैं। आरोपी छात्रों की भी जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसा पता चला है कि पीड़ित छात्रों में हॉस्टल के छात्र नहीं हैं। इधर, देर रात संयोगितागंज पुलिस ने एमजीएम के आवेदन के आधार पर अज्ञात छात्रों के खिलाफ एंटी रैगिंग एक्ट के साथ धारा 294, 323, 506 में केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, एमजीएम प्रबंधन व छात्रों के बयान और तकनीकी जांच के बाद कार्रवाई करेंगे।