फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chhindwara: साइबर ठगी का मामला उजागर, रिटायर्ड टीआई को 14.43 लाख रुपये की लगाई चपत; इन बातों का रखें ध्यान

Sun, 22 Feb 2026 09:47 AM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा

सार

छिंदवाड़ा में साइबर ठगों ने शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर एक रिटायर्ड टीआई से 14.43 लाख रुपये ठग लिए। वहीं कस्टम ड्यूटी के नाम पर एक महिला से 2 लाख रुपये की ठगी की गई। कोतवाली पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
कोतवाली थाना
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छिंदवाड़ा में साइबर ठग अब आम नागरिकों के साथ-साथ पुलिस पृष्ठभूमि वाले लोगों को भी निशाना बना रहे हैं। शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगों ने एक रिटायर्ड टीआई से 14 लाख 43 हजार 300 रुपये ठग लिए। वहीं, कस्टम ड्यूटी के नाम पर एक महिला से 2 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। दोनों मामलों में कोतवाली पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फर्जी ट्रेडिंग कंपनी बनाकर ठगी

विज्ञापन

कोतवाली टीआई आशीष धुर्वे के अनुसार, ठगों ने नामी ब्रोकिंग कंपनी Samco Securities से मिलती-जुलती फर्जी कंपनी बनाकर जाल बिछाया। चंदनगांव निवासी रिटायर्ड टीआई कोमल दियावार (63) को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर शेयर, म्यूचुअल फंड और आईपीओ में भारी रिटर्न का झांसा दिया गया।

23 अक्टूबर से 7 नवंबर 2025 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 14,43,300 रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। शुरुआत में फर्जी ऐप और स्क्रीनशॉट के माध्यम से मुनाफा दिखाया गया, लेकिन जब रकम निकालने की बारी आई तो ठगों ने संपर्क तोड़ दिया। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

कस्टम ड्यूटी के नाम पर 2 लाख की ठगी
दूसरे मामले में कोऑपरेटिव बैंक कॉलोनी निवासी पूजा वर्मा को फोन कर डायमंड नेकलेस भेजने का झांसा दिया गया। ठगों ने कस्टम ड्यूटी के नाम पर 2 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। भुगतान में देरी होने पर परिवार को फंसाने की धमकी भी दी गई। पीड़िता चाय-नाश्ते की दुकान संचालित करती हैं।

साइबर टीम कॉल डिटेल और संबंधित बैंक खातों की जांच कर रही है।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें- इंदौर में भाजपा-कांग्रेस भिड़ंत: दोनों पक्षों के 15 से ज्यादा लोग घायल; शहर कांग्रेस अध्यक्ष सहित 20 पर एफआईआर

ऐसे बचें साइबर ठगी से
अनजान व्हाट्सएप ग्रुप या निवेश प्रस्ताव पर भरोसा न करें।
अत्यधिक रिटर्न का दावा करने वाली योजनाओं से सावधान रहें।
किसी भी ऐप या लिंक पर निवेश से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट की पुष्टि करें।
ठगी की आशंका होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें।

पुलिस का कहना है कि लालच और डर दोनों ही साइबर ठगों के सबसे बड़े हथियार हैं। सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें