छिंदवाड़ा में साइबर ठग अब आम नागरिकों के साथ-साथ पुलिस पृष्ठभूमि वाले लोगों को भी निशाना बना रहे हैं। शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगों ने एक रिटायर्ड टीआई से 14 लाख 43 हजार 300 रुपये ठग लिए। वहीं, कस्टम ड्यूटी के नाम पर एक महिला से 2 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। दोनों मामलों में कोतवाली पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फर्जी ट्रेडिंग कंपनी बनाकर ठगी
23 अक्टूबर से 7 नवंबर 2025 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 14,43,300 रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। शुरुआत में फर्जी ऐप और स्क्रीनशॉट के माध्यम से मुनाफा दिखाया गया, लेकिन जब रकम निकालने की बारी आई तो ठगों ने संपर्क तोड़ दिया। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कस्टम ड्यूटी के नाम पर 2 लाख की ठगी
दूसरे मामले में कोऑपरेटिव बैंक कॉलोनी निवासी पूजा वर्मा को फोन कर डायमंड नेकलेस भेजने का झांसा दिया गया। ठगों ने कस्टम ड्यूटी के नाम पर 2 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। भुगतान में देरी होने पर परिवार को फंसाने की धमकी भी दी गई। पीड़िता चाय-नाश्ते की दुकान संचालित करती हैं।
साइबर टीम कॉल डिटेल और संबंधित बैंक खातों की जांच कर रही है।
ऐसे बचें साइबर ठगी से
अनजान व्हाट्सएप ग्रुप या निवेश प्रस्ताव पर भरोसा न करें।
अत्यधिक रिटर्न का दावा करने वाली योजनाओं से सावधान रहें।
किसी भी ऐप या लिंक पर निवेश से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट की पुष्टि करें।
ठगी की आशंका होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
पुलिस का कहना है कि लालच और डर दोनों ही साइबर ठगों के सबसे बड़े हथियार हैं। सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।