शहर में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। नरसिंहपुर नाका रोड पर गांधीगंज निवासी 55 वर्षीय शीलु माहेश्वरी की ट्रक की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसा सुबह करीब सवा आठ बजे उस समय हुआ, जब वे अपने पति अतुल माहेश्वरी के साथ बाइक से जा रही थीं। सड़क पर बिखरी कांक्रीट और मलबा इस हादसे की बड़ी वजह बना, जिसे लेकर स्थानीय लोगों ने नगर निगम पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नरसिंहपुर नाका रोड की हालत पहले से ही खराब थी। सड़क पर जगह-जगह कांक्रीट और पत्थर बिखरे पड़े थे। जैसे ही दंपती की बाइक उस हिस्से से गुजरी, बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह फिसलकर सड़क पर गिर गई। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रहा ट्रक महिला के ऊपर से गुजर गया। हादसा इतना भयावह था कि शीलु माहेश्वरी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद कुछ ही पलों में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पति अतुल माहेश्वरी बदहवास हालत में पत्नी को उठाने की कोशिश करते रहे लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आसपास मौजूद लोग भी घटना को देखकर स्तब्ध रह गए। कुछ समय तक सड़क पर यातायात भी बाधित रहा।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि नरसिंहपुर नाका रोड पर लंबे समय से निर्माण कार्य के बाद कांक्रीट और मलबा फैला हुआ है। कई बार नगर निगम और संबंधित विभागों को इसकी शिकायत की गई, लेकिन जिम्मेदारों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते सड़क की सफाई कर दी जाती तो यह हादसा टल सकता था।
घटना से नाराज स्थानीय नागरिकों ने मौके पर आक्रोश जताया। लोगों ने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, सड़क की तत्काल सफाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति भी बनी, जिसे पुलिस ने समझाइश देकर संभाला।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
इस हादसे ने एक बार फिर शहर की सड़कों की बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि जब तक जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस तरह की घटनाएं नहीं रुकेंगी। अब देखना होगा कि इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन कोई ठोस कदम उठाता है या नहीं।