छिंदवाडा के महारानी लक्ष्मी बाई स्कूल में पुस्तक एवं गणवेश मेले में अभिभावक संघ के अध्यक्ष राजेश जैन और शुभम स्टेशनरी के संचालक संजय कौशल के मध्य हुआ विवाद कोतवाली पहुंच गया। पालक संघ की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि कमीशन को लेकर दोनों के मध्य विवाद हुआ था। इस विवाद में स्टेशनरी संचालक ने पालक शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजेश जैन के साथ गाली-गलौज की थी, जिसके बाद कोतवाली पहुंच अभिभावक संघ में एफआईआर दर्ज करवाई।
बता दें कि बच्चों को कम लागत में कॉपी पुस्तक दिलाने प्रशासन ने एमएलबी स्कूल में पुस्तक एवं गणवेश मेले का आयोजन किया था, जिसमें जिले भर के दुकानदारों ने 29 स्टॉल लगाए थे। इस दौरान अभिभावक शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजेश जैन पुस्तक खरीदने संजय कौशल के स्टॉल पर पहुंचे। जहां उन्होंने अपने बेटे के लिए केजी-2 की किताबें खरीदी, जिसकी कीमत 2250 रुपये हुई थी। इसमें महज पांच फीसदी छूट दी गई। इस पर राजेश जैन ने कहा, ये प्राइवेट पब्लिकेशन है। आप ज्यादा छूट दे सकते हैं। ये सुनते ही संजय जैन स्टॉल से बाहर आ गए और गाली-गलौज करना शुरू कर दी, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। वीडियो में साफतौर पर देख लेने की धमकी देते हुए देखे जा सकते हैं। विवाद के बाद अभिभावक संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी को आवेदन देकर कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, शाम को कोतवाली पहुंच इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है। अभिभावक संघ के अध्यक्ष राजेश जैन की शिकायत पर पुलिस ने शुभम स्टेशनरी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
तीन दिन के इंतजार के बाद मिली पुस्तक
मेले में अभिभावकों को अधिकांश पुस्तकें नहीं मिली। बाहर के स्टॉल ने अधिकांश पुस्तकें उपलब्ध कराई। लोकल दुकानदार सिर्फ कुछ पुस्तक और कापियों का भंडार लेकर बैठे थे। राजेश जैन को दो दिन परेशान होने के तीसरे दिन मुश्किल से पुस्तकें दी। उसमे भी महज पांच फीसदी छूट दी। जबकि प्राइवेट पब्लिकेशन की पुस्तक है। दुकानदार चाहते तो खासी छूट दे सकते थे। गणवेश के लिए भी अभिभावक परेशान हुए। मेले में आये लोगों को स्टाल से दुकानों पर पहुंचाया गया। इस तरह यह मेला महज औपचारिक मेला बनकर रह गया। लोगों को उम्मीद पर खरा नहीं उतरा।
विवाद के बाद दिया पक्का बिल
मेले के दौरान शुभम बुक संचालक की हिम्मत देखिए, अधिकारियों के सामने ग्राहकों को कच्चा बिल दिए गए। वो भी शुभम बुक डिपो की जगह चौकसे बुक डिपो का। जब विरोध किया तो महाकौशल बुक डिपो का कच्चा बिल दिया। इसके बाद सभी लोगों ने हंगामा मचाया। तब कहीं जाकर संजय जैन ने खुद की फर्म का पक्का बिल दिया। इस तरह शासकीय कार्यक्रमों में खुलेआम ग्राहकों को ठगते देखा गया।