2013 से कांग्रेस का कब्जा
कांग्रेस से भाजपा में आए प्रेम नारायण ठाकुर ने 2008 में अमरवाड़ा विधानसभा सीट पर जीत हासिल की थी। इसके बाद 2013, 2018 और 2023 के विधानसभा चुनावों में राजा कमलेश शाह ने यहां जीत दर्ज की। लोकसभा चुनावों से ठीक पहले कमलेश शाह भाजपा में आए और पार्टी को छिंदवाड़ा जिले की इस महत्वपूर्ण सीट पर जीत दिला दी।
कशमकश भरा मुकाबला
सुबह आठ बजे मतगणना शुरू हुई तो पलड़ा कमलेश शाह का भारी था। 20 दौर की गणना होनी थी। शुरुआती दो दौर में राजा कमलेश शाह ने पांच हजार वोट की लीड हासिल कर ली थी। हालांकि, तीसरे दौर से कांग्रेस के धीरन शाह आगे निकल गए। 18वें दौर तक उनकी लीड चार हजार से छह हजार वोट के बीच की रही। लेकिन आखिर के दो दौर में राजा कमलेश शाह ने बाजी पलट दी और आगे निकल गए। अंतिम दौर की गणना के बाद राजा कमलेश शाह को 3,027 वोट से विजयी घोषित किया गया।
कांग्रेस ने मचाया बवाल
अंतिम दौर की गणना के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी के पिछड़ते ही वहां मौजूद पार्टी के पर्यवेक्षकों ने हंगामा किया। रीकाउंटिंग की मांग की। धीरन शाह ने कहा कि प्रशासन ने रीकाउंटिंग की मांग के आवेदन को अस्वीकार कर दिया है। प्रशासन के दावों में भाजपा चुनाव जीत गई। दरअसल, दो ईवीएम का डिस्प्ले बंद था। इससे मतगणना भी प्रभावित हुई। कांग्रेस के हंगामे के बाद वीवीपैट की पर्ची का मिलान किया गया। इस वजह से नतीजे घोषित होने में देर हुई।
जनता ने जताया सरकार और भाजपा पर भरोसा
अमरवाड़ा विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की जीत पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमारी जीत जनता के विश्वास और भाजपा की विचारधारा पर भरोसे की जीत है। यह जीत बताती है कि जनता सरकार और भाजपा संगठन पर भरोसा कर रही है। मैं अपनी ओर से इस जीत पर प्रदेश वासियों और खासकर अमरवाड़ा की जनता को बधाई देता हूं और आभार मानता हूं। आज मैं मुंबई हूं, लेकिन मेरा मन है कि अमरवाड़ा की जीत में वहां के कार्यकर्ताओं और जनता के साथ जश्न में शामिल होऊं।