छिंदवाड़ा में परासिया के शंकरगढ में शनिवार को एक परिवार ने अपने बेटे की मौत के बाद पुत्रवधु का पुनर्विवाह किया। अपनी बहु को सास ससुर ने बेटी की तरह विदा कर समाज के सामने शानदार उदाहरण प्रस्तुत किया। बहु का जीवन संवारने के लिए परिवार ने करुणामई विदाई दी।
बता दें कि शंकरगढ़ निवासी दंपती मंगल बावरिया एवं आशा बावरिया के पुत्र जय बावरिया का विवाह सागर में संपन्न हुआ था। विवाह के एक साल बाद ही सागर की मौत हो गई थी। बहु के इस दुख को देखर सास-ससुर मंगल बावरिया, आशा बावरिया, जेठ-जेठानी प्रेम बावरिया, पूनम बावरिया, दीपक बावरिया और मंजू बावरिया बेचैन रहते थे। परिवार के इन लोगों ने बहू के मायके पक्ष से बात कर पुनर्विवाह के लिए तैयार किया।
न्यूटन नंबर 13 निवासी स्वर्गीय माता दीन मीरा कैथावास के पुत्र अजय बावरिया के साथ गायत्री मंदिर परासिया में विवाह संपन्न करवाया। अपने घर से बहू की बेटी की तरह विदाई की। इस दौरान बुजुर्ग दंपती की आंखों में बेटे के बिछड़ने का दुख और बहू का जीवन संसार बसने का सुख एक साथ देखा जा सकता था। विवाह कार्यक्रम में पासी समाज संगठन के अध्यक्ष ताराचंद बावरिया, सचिव रजन, कैथवास कोषाध्यक्ष नारायण कैथवास, मंगरूलाल, सुमन, कृष्णकांत बावरिया, शीतल दीन बावरिया, मथुरा प्रसाद बावरिया और मोहन बावरिया व अन्य सामाजिक बंधु उपस्थित रहे।