मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में बेटी की गवाही पर पिता को हत्या के मामले में आजीवन कैद की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने बेटी की गवाही को अहम मानते हुए फैसला सुनाया। बेटी ने पिता को शव दफनाते देखा था।
जानकारी के अनुसार छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा अपर सत्र न्यायालय ने हत्या के एक मामले में 13 साल की मासूम बच्ची की गवाही को अहम मानते हुए उसके पिता को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है।
अपर लोक अभियोजक मनीष नेमा ने बताया कि मामला 13 महीने पहले 26 अक्टूबर 2021 का है। अमरवाड़ा के छुई में रहने वाला अजेश वर्मा मजदूरी कर शाम को घर लौट रहा था, तभी उसे रास्ते में आरोपी कन्हैया बारसिया मिल गया जिसने अजेश से लिफ्ट मांगी। यहां पिंडरई गांव में दोनों ने शराब पी। आरोपी कन्हैया अजेश को अपने घर घाट पिपरिया लेकर आ गया। यहां दोनों में किसी बात पर विवाद हो गया। आरोपी कन्हैया ने अजेश वर्मा को बरछी मारकर मौत के घाट उतार दिया। शव को पास ही नाले में दफना दिया था। शव दफनाने की घटना को कन्हैया की बेटी ने देख लिया था। उसने दूसरे दिन सिंगोड़ी चौकी में पुलिस को यह जानकारी दी थी।
कोर्ट में भी पुलिस ने बेटी के बारे में बताया था कि शव दफनाते वक्त बेटी ने देखा था। वह चश्मदीद गवाह है। बेटी की गवाही पर अपर सत्र न्यायाधीश ने कन्हैया को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। बेटी सहित कुल 14 साक्षियों ने इस मामले में अपने बयान दिए। जिस पर अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सोनी द्वारा मामला प्रमाणित होना पाया गया। कन्हैया बारसिया को धारा 302 में सश्रम आजीवन कारावास और 201 में 3 साल के कारावास की सजा से दंडित किया गया।