छिंदवाड़ा नगर निगम में ब्रजेश झा बतौर सफाईकर्मी के रूप में काम करने वाले युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जब जांच शुरु हुई तो पुलिस भी हैरान रह गई। दरअसल, ब्रजेश ने कुछ समय पूर्व खिरकापुरा में रहने वाले दो युवकों से कर्ज पर पैसा लिया था, पचास हजार ब्याज पर लेने के बाद वो दस प्रतिशत ब्याज दर से इन दोनों युवकों को सवा लाख रुपये से अधिक दे चुका है। लेकिन इसके बाद भी उसे डेढ़ लाख से अधिक रकम देने का दबाव बनाया जा रहा था, इसी वजह से इस युवक ने आत्महत्या कर ली थी।
जानकारी में कोतवाली टीआई सुमेर सिंह जगेत ने बताया कि खिरका मोहल्ला निवासी 42 साल का ब्रजेश पिता छोटेलाल झा नामक युवक ने गत 11 अप्रैल को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पत्नी और दो बेटियों, एक बेटे के साथ यहां रहने वाला ब्रजेश आर्थिक रूप से परेशान था। दरअसल, उसने खिरकापुरा निवासी बब्लू उर्फ रविन्द्र बघेल और बंटी उर्फ सुरेन्द्र बघेल से ब्याज पर पचास हजार रुपये लिए थे, जिसका दस प्रतिशत ब्याज दर के हिसाब से वो दोनों को एक लाख तीस हजार रुपये दे चुका था। लेकिन इसके बाद भी रविन्द्र बघेल और सुरेन्द्र बघेल उस पर एक लाख अस्सी हजार रुपये देने का दबाव बना रहे थे और उसे घर जाकर धमकाते थे, मारपीट करते थे।
ऐसे में दस अप्रैल को भी उसे धमकाया गया, जिसके अगले ही दिन ब्रजेश ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में पुलिस ने सुरेन्द्र बघेल और रविन्द्र बघेल के खिलाफ धारा 294, 506, 306 भादवि और 3/4 ऋणियों का संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है।