धर्मांतरण के लिए आवेदन करने वाला शख्स जानू विश्वकर्मा
- फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश के छतरपुर में आवेदन देकर धर्मांतरण की अनुमति मांगने वाले बिजावर निवासी जानू विश्वकर्मा ने अपना फैसला बदल लिया है। उसने अब दोबारा जिला प्रशासन को आवेदन देकर कोई कार्रवाई न करने की बात कही।
युवक ने मांगी थी धर्मांतरण की अनुमति
बीते मंगलवार को बिजावर से जन सुनवाई में आए जानू विश्वकर्मा ने कलेक्टर को एक आवेदन देकर धर्मांतरण की अनुमति मांगी थी। उसका कहना था कि वह स्वेच्छा से हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा धर्म अपनाना चाहता है। इसलिए उसे धर्मांतरण की अनुमति दी जाए। जहां जानू विश्वकर्मा का आवेदन लेकर कलेक्टर ने विधि सम्मत कार्रवाई करने की बात कही थी।
अब बदला फैसला फिर दिया आवेदन
इस बात की जानकारी जब विश्वकर्मा की मां को लगी तो उन्होंने तीन दिन तक खाना नहीं खाया। उसके बाद जानू विश्वकर्मा ने अपना फैसला बदल लिया। इसलिए दोबारा उसने जिला प्रशासन को आवेदन देकर कोई कार्रवाई न करने की बात कही। जानू का कहना है कि अब वह धर्मांतरण नहीं करेगा और हिंदू धर्म का ही अनुसरण करेगा।
धर्मांतरण एक कठिन और कानूनी प्रक्रिया
धर्मांतरण मामले को लेकर जिले के अपर कलेक्टर नमः शिवाय अरजरिया ने इसे कठिन और कानूनी प्रक्रिया बताते हैं। उन्होंने कहा कि इसकी एक प्रोसेस होती है। यूं ही नहीं कि किसी ने भी मंच पर बुलाकर धर्म परिवर्तन करा दिया और हो गया। यह सब धर्म परिवर्तन की अवैधानिक प्रक्रिया है, जबकि सही प्रक्रिया कठिन और कानूनी है।
मजाक और पब्लिसिटी स्टंट बना धर्मांतरण
इस मामले से धर्मांतरण का फैसला लेना न लेना एक मजाक बनकर रह गया है। लोग इसे पब्लिसिटी स्टंट मानने लगे हैं। जो तत्कालीन समय में चर्चा का विषय बन जाता है और फिर वही ढर्रा चलने लगता है। जबकि यह इतना आसान और संभव नहीं है। इसके लिए बाकायदा कठिन और कानूनी प्रक्रिया होती है। हाल ही में तथाकथित बाबाओं ने मंच से धर्मांतरण के आयोजन कर पब्लिसिटी बटोरी थी।