छतरपुर में हत्या के लिए पीछा करता आरोपी। सीसीटीवी में कैद हुई तस्वीरें।
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मध्य प्रदेश के छतरपुर में कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत नारायणपुरा रोड पर अमर गार्डन के पास मंगलवार को दिनदहाड़े युवक की हत्या हुई है। पुलिस ने हत्यारे को पकड़ लिया है। बताया जा रहा है कि हत्यारे का मृतक के बड़े भाई से विवाद था और उसका बदला लेने के लिए उसने छोटे भाई की निर्ममता से हत्या कर दी। यह वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई है।
वारदात मंगलवार अपराह्न साढ़े चार बजे की है। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार सूर्यप्रताप उर्फ मोना परमार को उसके मोहल्ले में ही रहने वाले मयंक कुशवाहा ने सड़क पर दौड़ाया। फिर एक कम्पाउंड में चाकू से सीने पर वार किया और मार डाला। हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने दो घंटे के भीतर पन्ना रोड से गिरफ्तार किया। दिनदहाड़े हुई इस हत्या से इलाके में दहशत फैल गई।
राज्यपाल का दौरा था शहर में
वारदात के ठीक एक घंटा पहले राज्यपाल मंगूभाई पटेल छतरपुर के सर्किट हाउस पहुंचे थे। सारा महकमा उनके कार्यक्रमों की तैयारियों में लगा था, तभी इस वारदात की सूचना आ गई। एसपी सचिन शर्मा और टीआई अनूप यादव समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर मयंक की तलाश शुरू की गई। पन्ना रोड फोरलेन के पास से उसे दो घंटे के भीतर पकड़ लिया गया।
बड़े भाई से था आरोपी का विवाद
सूर्यप्रताप उर्फ मोना परमार की हत्या की वजह उसके बड़े भाई व नारायणपुरा के सैलेंद्र सिंह उर्फ सिक्सर दादा से आरोपी का विवाद है। कुछ दिन पहले सिक्सर दादा और मिंटू खान नाम के दो बदमाशों ने मयंक के साथ मारपीट की थी। मयंक छतरपुर के कुख्यात बदमाश तारिक खान का रिश्तेदार है। उसने तब कोतवाली पहुंचकर मिंटू खान के विरुद्ध रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। मयंक इसी विवाद का बदला लेने की फिराक में था। मंगलवार को उसे सिक्सर दादा का छोटा भाई मोना परमार नजर आ गया। उसने पहले अपनी बाइक से मोना परमार का रास्ता रोका। फिर सीधा उसकी ओर झपट पड़ा। मोना परमार कुछ समझ पाता इसके पहले ही उसने दौड़कर सीने में चाकू से वार कर दिया। खून से लथपथ मोना परमार को परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।