Chhatarpur: मांगों का निराकरण नहीं होने से नाराज आदिवासियों ने जिला पंचायत के सामने धरना दिया।
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मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में आदिवासी अपनी मांगों को लेकर सुबह से लेकर देर रात तक कलेक्टरेट ऑफिस के बाहर धरने पर बैठे रहे। देर रात अफसर मौके पर पहुंचे। उनकी समस्याएं जानी और आश्वासन देकर धरने को समाप्त करवाया।
जानकारी के अनुसार छतरपुर जिले के आदिवासी बाहुल्य बक्सवाहा क्षेत्र के दर्जन भर से अधिक आदिवासी कलेक्ट्रेट के जिला पंचायत ऑफ़िस के सामने ठंड में खुले में बैठे रहे। आदिवासियों का कहना है कि सरकार की जन हितैषी योजनाओं पर बक्सवाहा क्षेत्र में वन विभाग के अफसर रोक लगाए हुए हैं। हम लोग प्रशासन को कई बार लिखित में आवेदन दे चुके हैं, परंतु हमारी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इसलिए हमको मजबूरी में धरने पर बैठना पड़ा। धरने पर बैठे आदिवासियों का कहना था कि हमें आवास नहीं मिला है, हमें कुआं नहीं खुदवाया दिया जा रहा। वन विभाग वाले हमें परेशान करते हैं।
कई घंटों के बाद भी उनकी समस्या जानने कोई अफसर नहीं पहुंचा था। जिला पंचायत के बाहर बैठे आदिवासियों से मिलने देर रात जब मीडिया पहुंची, तब कहीं जाकर स्थानीय शासन-प्रशासन ने उनकी खबर ली। आनन-फानन में तहसीलदार, SDM, वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे, उनकी समस्याएं जानी और समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसके साथ आदिवासियों ने धरना समाप्त करवा दिया।