पानी की टंकी पर चढ़ने की बात छात्रों और सुरक्षाकर्मियों में मारपीट हुई थी।
- फोटो : सोशल मीडिया
मामले को लेकर सांसदों ने पत्र भी लिखे हैं।
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शुरू हुई सियासत
मामला तब गर्माया जब इसमें सियासी लोगों की एंट्री हो गई। विवाद की खबर मिलते ही केरल के पांच सांसद ( 2 लोकसभा और 3 राज्यसभा सदस्य) छात्रों के बचाव में उतर आए। उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रकाशमणि त्रिपाठी को पत्र लिखा है और कार्रवाई की मांग की है। राज्यसभा सांसदों ने धर्मेंद्र प्रधान को लेटर लिखकर जानकारी दी है। अब तक राहुल गांधी, शशि थरूर, केरल के सीएम पिनरई विजयन ने सोशल मीडिया पर मामले को उठाया है।
राहुल ने बताया शर्मनाक
राहुल गांधी ने फेसबुक पर लिखा है कि मध्य प्रदेश के अमरकंटक में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में कथित रूप से विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों द्वारा केरल के चार छात्रों पर हुए क्रूर हमले के बारे में सुनकर स्तब्ध हूं। यह शर्मनाक और पूरी तरह अस्वीकार्य है। मैं विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ एकजुटता से खड़ा हूं और गंभीर चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती पीड़ितों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। दोषियों को न्याय दिलाने के लिए इस घटना की त्वरित और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
केरल के सीएम ने की निंदा
मामले में केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि केरल के छात्रों पर हमला भयावह है और हमारे देश में व्यक्तियों की पहचान के आधार पर उनके प्रति बढ़ती शत्रुता का विरोध करने की जरूरत है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय को दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए और परिसर में सभी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
शशि थरूर ने लगाया मिलीभगत का आरोप
सांसद शशि थरूर ने भी मामले में विरोध जताया है। ट्वीट में लिखा कि अपने स्वयं के विश्वविद्यालय परिसर के भीतर एक अनजाने और मामूली अपराध के लिए छात्रों के खिलाफ इस तरह की क्रूरता के बारे में जानकर स्तब्ध हूं। मैं जनजातीय विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ एकजुटता पर खड़ा हूं और उन लोगों से पूरी जवाबदेही की मांग करता हूं जिन्होंने प्रशासन की मिलीभगत से ऐसा राक्षसी व्यवहार किया।
मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई
यूनिवर्सिटी के जनसंपर्क अधिकारी डॉ विजय दीक्षित ने बताया कि पूरे मामले में जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। कलेक्टर ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई के निर्देश दिया है। एसपी जितेंद्र सिंह पवार ने कहा कि मारपीट वाले मामले में सुरक्षाकर्मियों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
पुलिस ने की कार्रवाई
मारपीट मामले में घायल छात्रों की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुरक्षा गार्ड रामेश्वर मांझी, सुरक्षा सुपरवाइजर छविलाल मेहरा एवं वीरेंद्र सिंह के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है। घटना के बाद चारों छात्रों का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जो सामान्य है।