इलाज के दौरान तीर लगने से घायल व्यक्ति
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शनिवार सुबह भी 200 से अधिक संख्या में पुलिस बल, वन विभाग के आरक्षक और बीएसएफ के जवान जंगल के अंदर कार्रवाई करने पहुंचे थे। लेकिन अतिक्रमणकारियों ने उन पर हमला कर दिया। जवाबी कार्रवाई में दोनों तरफ से हमला हुआ, जिसमें एक वन कर्मी सहित एक ग्रामीण तीर लगने से गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
वन कर्मियों पर छठी बार हुआ हमला
घाघरला वन परिक्षेत्र में लंबे समय से अतिक्रमणकारी वनों को काट कर खाली मैदान बनाकर उन पर कब्जा कर रहे हैं। अतिक्रमणकारियों ने हाल ही में लगभग छठी बार वन अमले पर हमला किया है। जबकि वनों से अतिक्रमणकारियों को हटाने के लिए पैरा मिलिट्री फोर्सेस तक भी बुराहनपुर बुलाई गई हैं। इसके बावजूद वन कर्मिंयों पर हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। हालांकि प्रशासन पूरे दल–बल को लेकर व्यवस्थित कार्ययोजना और तैयारियों के साथ अब आगे कार्रवाई कर रहा है।
अतिक्रमणकारियों के हमले की सूचना मिलते ही वन विभाग से सीसीएफ आरपी राय बुरहानपुर पहुंचे। उन्होंने पुष्टि की है कि कुछ वन अतिक्रमणकारी जंगल में घुसे हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार अतिक्रमणकारीयों ने हाथों में देसी बम लिए हुए हैं और उनकी ओर से फायरिंग भी की गई है। उनके अनुसार रात में वन अतिक्रमणकारियों की ओर से जंगल में डर फैलाने के उद्देश्य फायरिंग की गई थी।
घायल ग्रामीण को दी गई 20 हजार की सहायता
बुरहानपुर कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देशानुसार अतिक्रमणकारियों के हमले में घायल हुए ग्रामीण को रेडक्रॉस सोसाइटी के जरिए 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी गई है। ग्रामीण को अतिक्रमणकारियों द्वारा चलाया गया तीर लगा था। हालांकि घायल का जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। उसकी स्थिति फिलहाल सामान्य है और वह खतरे से बाहर है।
बुरहानपुर कलेक्टर, एसपी पहुंचे मौके पर
मामले की गंभीरता को देखते हुए बुरहानपुर कलेक्टर भव्या मित्तल और पुलिस अधीक्षक लोढ़ा तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए। पुलिस प्रशासन की ओर से अब संयुक्त रूप से अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन पूरा दल–बल लेकर व्यवस्थित कार्ययोजना और तैयारियों के साथ कार्रवाई कर रहा है।