पीएम मोदी मध्य प्रदेश की दो वंदे भारत को दिखाएंगी हरी झंडी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 जून को भोपाल-इंदौर और भोपाल-जबलपुर के बीच वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। शुरुआत में आठ-आठ डिब्बों की दो गाड़ियां दौड़ेंगी। लेकिन रेलवे एक ही ट्रेन को दोनों रुट पर दौड़ाना चाहता है। पश्चिम रेलवे के मुख्य यात्री परिवहन प्रबंधक ने रेलवे बोर्ड को पत्र लिखकर एक ही ट्रेन को दो रुट पर चलाने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही इसमें आने वाली परेशानियों का भी उल्लेख किया है। यदि इस पत्र में दिया शैड्यूल ही अंतिम होता है तो पश्चिम रेलवे की ओर से पिछले हफ्ते जारी शैड्यूल भी बदला जाएगा। दरअसल, इस परेशानी की वजह से ही अब तक भोपाल-जबलपुर-भोपाल वंदे भारत एक्सप्रेस का शैड्यूल फाइनल नहीं हो पाया है।
अधिकृत जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। दोनों ट्रेनें आठ-आठ डिब्बों की होगी, जो इनॉगरल यात्रा करेगी। इसके बाद दो अलग-अलग नंबरों से 16 डिब्बों के एक ही रैक को इंदौर से भोपाल और फिर भोपाल से जबलपुर तक चलाया जाएगा। यही ट्रेन जबलपुर से भोपाल आएगी और नए नंबर से इंदौर के लिए रवाना होगी। पश्चिम रेलवे के प्रस्ताव के अनुसार इंदौर-भोपाल-इंदौर वंदे भारत सुपरफास्ट ट्रेन 20911/ 20912 नंबर से दौड़ेगी, जबकि भोपाल-जबलपुर-भोपाल वंदे भारत सुपरफास्ट ट्रेन का नंबर 20951/20952 होगा। यह ट्रेनें रविवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी।
यह होगा शैड्यूल
पश्चिम रेलवे ने रेलवे बोर्ड को प्रस्तावित शैड्यूल भेजा है, उसके अनुसार इंदौर से 20911 ट्रेन सुबह 5:50 पर चलकर 9:10 बजे भोपाल पहुंचेगी। 20951 नंबर से यही ट्रेन भोपाल से 9:25 बजे चलेगी और दोपहर दो बजे जबलपुर पहुंचेगी। जबलपुर से 20952 ट्रेन 2:30 बजे चलकर 19:10 बजे भोपाल पहुंचेगी। भोपाल से 19:30 बजे चलकर 20912 ट्रेन चलकर रात 22:45 बजे इंदौर पहुंचेगी। इस टाइमिंग के साथ पश्चिम रेलवे के मुख्य यात्री परिवहन प्रबंधक ने रेलवे बोर्ड को व्यवहारिक दिक्कतों के बारे में भी लिखा है।
यह आ सकती है परेशानियां
पश्चिम रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक भोपाल में ट्रेन की साफ-सफाई और पानी भरने के लिए सिर्फ 15 मिनट का समय मिलेगा। इसके साथ ही जबलपुर में ट्रेन की साफ-सफाई और गियर की जांच के लिए 30 मिनट ही मिलेंगे। यह काफी नहीं है। इस वजह से ट्रेन का समय संशोधित करने की सलाह दी गई है। इस पत्र से इतना तो साफ हो गया है कि भले ही रुट दो है, रैक एक ही है। अलग-अलग नंबर से इसे इंदौर और जबलपुर के बीच चलाया जाना है। ऐसे में कोई भी यात्री इंदौर से सीधे जबलपुर या जबलपुर से सीधे इंदौर का टिकट बुक नहीं कर सकेगा। इंदौर और जबलपुर से आने के बाद भोपाल में जब गाड़ी की सफाई होगी तो यात्रियों को उतरना होगा। नया टिकट लेकर बैठना होगा।
इंदौर से भोपाल 3 घंटे 20 मिनट में, भोपाल से जबलपुर चार घंटे 35 मिनट में
अब तक इन ट्रेनों के बारे में जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार यह ट्रेन इंदौर से भोपाल वाया उज्जैन की 248 किमी की दूरी तीन घंटे 20 मिनट में पूरा करेगी। ट्रेन की औसत रफ्तार 74.52 किमी प्रति घंटा रहेगी। भोपाल-जबलपुर-भोपाल वंदे भारत सुपर फास्ट ट्रेन 337 किमी की दूरी 4 चार 35 मिनट में तय करेगी। यह ट्रेन नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर स्टॉपेज लेकर जबलपुर जाएगी। इस रुट पर भोपाल से इटारसी के बीच अधिकतम रफ्तार 130 किमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है। औसत रफ्तार 73.52 किमी रहेगी।