भोपाल में आज विधानसभा के पेपरलेस कामकाज की तैयारी, नियुक्ति की मांग को लेकर शिक्षक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन और अस्पतालों की सुविधाओं से जुड़े मुद्दे चर्चा में हैं। विधानसभा में विधायकों की डिजिटल ट्रेनिंग जारी रही, वहीं बोर्ड ऑफिस चौराहे पर शिक्षक अभ्यर्थियों ने चक्काजाम किया। जेपी अस्पताल में पांच लिफ्ट बंद होने से मरीज परेशान हैं और एम्स में मेडिकल सामग्री की खरीद दरों में बड़े अंतर का मामला सामने आया है। उधर, जिला प्रशासन ने कार्बाइड तोप, गन और लैंप के इस्तेमाल के साथ इनकी खरीद-बिक्री और भंडारण पर भी रोक लगा दी है। करवा चौथ पर मौसम बदलने की आशंका के बीच चंद्र दर्शन को लेकर भी लोगों की नजर आसमान पर रहेगी।
विधानसभा में विधायकों की डिजिटल ट्रेनिंग
मध्यप्रदेश विधानसभा में विधायकों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का गुरुवार को दूसरा दिन था। विधायकों को राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन के इस्तेमाल की जानकारी दी जा रही है। इसके जरिए प्रश्न लगाने, ध्यानाकर्षण और स्थगन प्रस्ताव की सूचनाएं भेजने तथा संकल्प और याचिकाएं प्रस्तुत करने जैसे काम डिजिटल माध्यम से किए जा सकेंगे। तैयारी है कि दिसंबर में होने वाले शीतकालीन सत्र से विधानसभा का कामकाज पेपरलेस किया जाए।
नियुक्ति पत्र के लिए सड़क पर उतरे शिक्षक अभ्यर्थी
बोर्ड ऑफिस चौराहे पर प्राथमिक शिक्षक वर्ग-तीन की मेरिट सूची में शामिल अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग को लेकर चक्काजाम किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर थालियां बजाईं और नारेबाजी की। पुलिस ने रास्ता खुलवाने की कोशिश की तो कुछ अभ्यर्थी सड़क पर लेट गए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। अभ्यर्थियों का कहना है कि मेरिट सूची में नाम आने के बाद भी नियुक्ति और पदस्थापना को लेकर फैसला नहीं हुआ है। वे मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
जेपी अस्पताल में छह में से पांच लिफ्ट बंद
राजधानी के जेपी अस्पताल में लिफ्टों की खराब व्यवस्था मरीजों के लिए परेशानी बन गई है। अस्पताल के तीन ब्लॉकों में लगी छह लिफ्टों में से पांच बंद हैं। गर्भवती महिलाओं, ऑपरेशन के बाद भर्ती मरीजों और गंभीर रोगियों को एक मंजिल से दूसरी मंजिल तक पहुंचने में मुश्किल हो रही है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरम्मत के लिए बजट मिलने का इंतजार है। हालांकि, लिफ्टें कब तक चालू होंगी, इसकी स्पष्ट समयसीमा सामने नहीं आई है।
एम्स में 14 रुपये की ट्यूब 943 रुपये में खरीदी
भोपाल एम्स की समिति की रिपोर्ट में दवाओं और सर्जिकल सामग्री की खरीद दरों में बड़ा अंतर सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक हाई प्रेशर एक्सटेंशन ट्यूब की अनुबंधित दर 14.27 रुपये थी, जबकि अमृत फार्मेसी से इसकी सप्लाई दर 943.49 रुपये दर्ज की गई। रिपोर्ट में कई दवाओं और सर्जिकल आइटम की दरों में भी बड़े अंतर का उल्लेख है। मामले में आगे की कार्रवाई और अधिक भुगतान की वसूली को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
भोपाल में कार्बाइड गन, तोप और लैंप पर रोक
त्योहारों के दौरान हादसों को रोकने के लिए भोपाल जिले में कार्बाइड तोप, कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप पर प्रतिबंध लगाया गया है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। इनके इस्तेमाल के साथ खरीद-बिक्री, भंडारण, प्रदर्शन और परिवहन पर भी रोक लगाई गई है। भोपाल शहर में पुलिस कमिश्नर पहले ही प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर चुके हैं।
अतिथि विद्वानों को स्थायित्व और फिक्स वेतन का इंतजार
सरकारी महाविद्यालयों में सेवाएं दे रहे अतिथि विद्वानों के स्थायित्व, फिक्स वेतन, समायोजन और सेवा सुरक्षा का मुद्दा भी चर्चा में है। उच्च शिक्षा मंत्री के साथ प्रतिनिधिमंडल की बैठक में मांगों पर विचार हुआ, लेकिन नीति लागू करने और समायोजन की समयसीमा को लेकर स्पष्ट घोषणा का इंतजार है।