राष्ट्रीय वाहक जनित रोग नियंत्रण केंद्र (NCVBDC), भारत सरकार की निदेशक डॉ. तनु जैन ने मध्यप्रदेश के तीन दिवसीय दौरे में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और जापानी इंसेफेलाइटिस (JE) की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने भोपाल, सीहोर और रायसेन जिलों का दौरा कर वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए चल रही गतिविधियों की जानकारी ली। राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हिमांशु जयसवार ने डॉ. जैन को प्रदेश में इन बीमारियों की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी। इस दौरान बालाघाट जिले में सामने आए मामलों की भी विशेष रूप से समीक्षा की गई।
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दौरे के दौरान एनसीवीबीडीसी की एंटोमोलॉजिकल, आईईसी और लैब टीम के साथ डॉ. जैन ने रायसेन जिले के उप स्वास्थ्य केंद्र खापरिया खापा और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुल्तानपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO), चिकित्सा अधिकारियों, आशा कार्यकर्ताओं और जिला मलेरिया अधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने यह जाना कि जमीनी स्तर पर वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए किस तरह काम किया जा रहा है।
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मिशन संचालक से भी की चर्चा
तीन दिवसीय दौरे के दौरान डॉ. तनु जैन ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन संचालक डॉ. सलोनी सिडाना से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों के बीच फील्ड में चल रही गतिविधियों और समीक्षा के दौरान सामने आए बिंदुओं पर चर्चा हुई। दौरे के अंतिम दिन डॉ. जैन की अध्यक्षता में प्रदेश के सभी जिला मलेरिया अधिकारियों और जिला VBD सलाहकारों की बैठक हुई। इसमें करीब 100 अधिकारी शामिल हुए। बैठक में IHIP पोर्टल पर समय पर रिपोर्टिंग करने और वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हिमांशु जयसवार, रीजनल डायरेक्टर डॉ. चंद्रशेखर एम. गेडाम, एंबेड प्रोजेक्ट के स्टेट लीड सोम शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।