मध्य प्रदेश में लोकल सिस्टम से कई जिलों में बारिश जारी है। रविवार को राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। कई जिलों में दिन भर धूप खिली रही। जिससे लोग परेशान होते रहे। मध्य प्रदेश में इस सीजन का 97 फ़ीसदी बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून ट्रफ और लो प्रेशर एरिया की वजह से एक बार फिर पूरा मध्यप्रदेश भीगेगा। 11 सितंबर से प्रदेश में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो रहा है। इसका असर भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर जिलों में भी देखने को मिलेगा। ऐसे में बारिश का कोटा भी फुल हो जाएगा।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार शहडोल, अनुपपुर, डिंडोरी, बालाघाट, दक्षिण देवास में बिजली के साथ भारी बारिश होने की संभावना है, साथ ही उत्तरी देवास, मंडला, उमरिया, सीधी, मऊगंज, सिवनी में बिजली के साथ मध्यम गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। मुरैना, श्योपुर, सीहोर, रायसेन, सागर के साथ-साथ इंदौर, धार, भोपाल, विदिश, शाजापुर, नीमच, मंदसौर, जबलपुर/भेड़ाघाट, नरसिंहपुर में बिजली के साथ हल्की आंधी आने की संभावना है। कटनी, उमरिया, गुना, हरदा, बैतूल, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, सिंगरौली, रीवा, सतना, मैहर, पन्ना, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, खंडवा, खरगोन, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड में बारिश है।
1.2 इंच पानी और गिरने पर कोटा हो जाएगा फुल
मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बयाता कि मध्य प्रदेश में अब तक औसत 36.1 इंच बारिश हो चुकी है। यह सीजन की 97 फीसदी है। 1.2 इंच पानी और गिरने पर कोटा फुल हो जाएगा। प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। अब तक भोपाल, ग्वालियर समेत 28 जिलों में सामान्य से ज्यादा यानी 96 प्रतिशत से 169 प्रतिशत तक पानी गिर चुका है। इनमें श्योपुर में सबसे ज्यादा 169 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। इंदौर, उज्जैन और रीवा संभाग पिछड़े हुए हैं। रीवा में सबसे कम 60 फीसदी (23.3 इंच) बारिश ही हुई है।
लो प्रेशर एरिया भी एक्टिव
मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि मानसून ट्रफ दमोह होते हुए गुजर रहा है। दूसरा ट्रफ राजस्थान से छत्तीसगढ़ की ओर जा रहा है। लो प्रेशर एरिया भी एक्टिव है। इनकी वजह से 8, 9 और 10 सितंबर को कुछ जगहों पर तेज बारिश हो सकती है, लेकिन 11 सितंबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्से में बारिश का दौर रहेगा।