मध्यप्रदेश में बालाघाट जिले के लांजी पुलिस थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने तीन वाहन फूंक दिए। नक्सलियों ने सड़क निर्माण कार्य को बाधित करने के मकसद से यह कृत्य किया। ये वाहन उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क परियोजना के अंतर्गत काम में लाए जा रहे थे।
बालाघाट जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक तिवारी ने बताया है कि जिला मुख्यालय से करीब 90 किलोमीटर दूर देबरवेली-मलकुआं मार्ग पर आरसीपीएलडब्लूई अंतर्गत पिछले कुछ दिनों से सड़क निर्माण का काम चल रहा था। शनिवार रात लगभग 11 बजे 10-12 सशस्त्र नक्सलियों ने इसमें खलल डालने की नीयत से तीन वाहनों को जला दिया। इनमें दो ट्रैक्टर एवं एक ट्रक शामिल है।
टांडा व मलाजखंड दलम का हाथ
जब यह वारदात हुई, उस वक्त ये तीनों वाहन कैंप में खड़े थे। तिवारी ने बताया कि नक्सली कैंप में आए और उन्होंने वहां मौजूद अग्रवाल के सुपरवाइजर को भगा दिया और इन वाहनों को आग के हवाले कर दिया। एसपी तिवारी ने बताया कि घटना में बालाघाट जिले में सक्रिय टांडा और मलाजखंड दलम के नक्सलियों का हाथ हो सकता है। वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस दल जंगल में उनकी तलाश करने के लिए गए हैं। चार दल जंगल में नक्सलियों की तलाश कर रहे हैं।
जिले के पुलिस थाने व चौकियां अलर्ट
बालाघाट जिले के सभी थाना और चौकियों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। देबरवेली-मलकुआं मार्ग का निर्माण रायपुर के ठेकेदार संजय अग्रवाल द्वारा कराया जा रहा है। जलाए गए तीनों वाहन अग्रवाल के सहयोगी दिलीप पटेल लांजी के हैं और ठेकेदार ने इनको किराए पर लिया था।