मध्य प्रदेश में बारिश से हाहाकार की स्थिति हो गई है। लगातार बारिश लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। नदियां-नाले उफान पर हैं। अधिकांश नदियां खतरे के निशान को पार कर गई हैं। निचले इलाकों में पानी भर गया है। कई मार्ग बंद हो गए हैं। कई जगह बीती रात से ही बिजली नहीं है।
अगले दो दिन मौसम ऐसा ही बने रहने की उम्मीद है। पूरे मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना बनी है। मौसम विभाग ने अलग-अलग इलाकों के लिए अलग-अलग अलर्ट जारी किए हैं। उज्जैन-राजगढ़ में अत्यधिक भारी बारिश, नर्मदापुरम, इंदौर संभागों के जिलों में तथा विदिशा, रायसेन, सीहोर, भोपाल जिलों में कहीं-कहीं अति भारी बारिश की संभावना है।
मौसम केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के रीवा, शहडोल, सागर, जबलपुर, उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम एवं ग्वालियर संभागों के जिलों में अधिकांश स्थानों पर, चंबल संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर तथा इंदौर संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर वर्षा दर्ज की गई है। ब्यावरा में 35, राघौगढ़, चाचौड़ा में 29, लटेरी 21, जीरापुर, बेगमगंड में 20, भोपाल एयरपोर्ट, आरोन, भानपुरा, जैसीनगर में 19, सिमरिया, केसली, रेहली में 18, गुना, कुंभराज, गैरतगंज, शमशाबाद, सागर में 17, जबलपुर, राहतगढ़, उदयपुरा, रायसेन, राजगढ़ में 16, बामौरी, विदिशा, पठारी, कालापीपल, पचमढ़ी, नरसिंहगढ़, गंजबासौदा, अशोकनगर, बंडा, पथरिया, हटा में 15 सेमी तक पानी गिरा है।
अगले 24 घंटे के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान कहता है कि इंदौर, उज्जैन, चंबल, ग्वालियर, नर्मदापुर, भोपाल, जबलपुर, सागर संभागों के जिलों में अधिकांश स्थानों पर, शहडोल और रीवा संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
मौसम विभाग ने तीन अलर्ट भी जारी किए हैं।
- रेड अलर्ट- उज्जैन संभाग के जिलों में तथा राजगढ़ जिलों में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। यहां पांच इंच से ज्यादा वर्षा हो सकती है।
- ऑरेंज अलर्ट- ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर संभागों के जिलों में तथा विदिशा, रायसेन, सीहोर, भोपाल जिलों में कहीं-कहीं अति भारी बारिश की संभावना है। यहां ढाई से आठ इंच तक बारिश हो सकती है।
- यलो अलर्ट- चंबल, जबलपुर, सागर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। वहीं इंदौर, उज्जैन, चंबल, ग्वालियर, नर्मदापुरम, भोपाल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वज्रपात और आंधी की आशंका जताई गई है। यहां हवा की गति 40 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि एमपी में एक सिस्टम के प्रवेश के साथ ही तेज बारिश का दौर शुरू हुआ है। बंगाल की खाड़ी से अवदाब का क्षेत्र आगे बढ़कर एमपी में पहुंचा है। जानकार बता रहे हैं कि वर्तमान में अवदाब का क्षेत्र उत्तर-पूर्वी मप्र पर बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी के अलावा अरब सागर से भी नमी आ रही है। सिस्टम से मंगलवार तक मौसम तेज बारिश का बना रह सकता है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीएस, एसीएस राजौरा के साथ बैठक कर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का संज्ञान लेते हुए संबंधित जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए हैं। स्थिति अभी नियंत्रण में है, लेकिन नर्मदा, बेतवा बेसिन के जिलों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी ट्वीट किया है। कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में अनवरत भारी वर्षा हो रही है। नदी- नाले उफान पर हैं। कई निचले इलाक़ों में जलभराव की खबरें आ रही हैं। कई मार्ग बंद हो चुके हैं, कई सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हो गया है। कई इलाक़ों का आपसी संपर्क टूट चुका है। कई हिस्सों में घंटों से बिजली ग़ायब है। मैं सरकार से मांग करता हूं कि इन सब बातों को देखते हुए तत्काल सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। जनहानि रोकने के लिए राहत के कार्य तत्काल प्रारंभ किए जाएं। निचले इलाक़ों व बस्तियों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के प्रबंध युद्ध स्तर पर किए जाएं। सतर्कता व सावधानी बरतने के निर्देश इन सभी इलाक़ों में जारी किए जाएं।