मुख्यमंत्री मोहन यादव शनिवार को छोटी दीपावली पर निवाड़ी जिले की धार्मिक नगरी ओरछा पहुंचे। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध श्रीरामराजा सरकार मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने कहा कि ओरछा का श्रीरामराजा मंदिर आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। यहां धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इन्हें आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार 126.96 करोड़ रुपये की लागत से श्रीरामराजा लोक का निर्माण करा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्य तय समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मान्यता है कि भगवान श्रीराम दिन में ओरछा में राजा के रूप में विराजमान रहते हैं। यहां आकर हर व्यक्ति का मन श्रद्धा से भर जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में भगवान श्रीराम का धाम और उज्जैन में महाकाल लोक के विकास से धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिली है। मध्यप्रदेश में भी धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। ओरछा को भी इसी दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल धार्मिक स्थलों का विकास करना नहीं, बल्कि इसका लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाना भी है। किसानों, युवाओं, गौपालकों और समाज के सभी वर्गों की खुशहाली के लिए सरकार काम कर रही है। ओरछा में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
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239.87 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे विकास कार्य
ओरछा के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को सुरक्षित रखने के साथ पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने के लिए कुल 239.87 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें 126.96 करोड़ रुपये की लागत से श्रीरामराजा लोक का निर्माण प्रमुख है। इसके अलावा राज्य पुरातत्व विभाग के माध्यम से 7.5 करोड़ रुपये और पर्यटन विभाग के जरिए 19.73 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए जा रहे हैं। अन्य विशेष अनुभव और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े काम भी इसमें शामिल हैं। धरोहर संरक्षण के तहत लक्ष्मी मंदिर की चारदीवारी, रायप्रवीण महल और उद्यान, नजीर बाग, फूल बाग तथा राजा महल के संरक्षण और चारदीवारी निर्माण से जुड़े कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इन परियोजनाओं के जरिए ओरछा की ऐतिहासिक विरासत को सहेजने और पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
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बुंदेली चित्रकारी देखी, कलाकारों की पेंटिंग खरीदी
मुख्यमंत्री ने हाथी साव-सुपारी साव परिसर में विभिन्न विभागों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। यहां स्थानीय इतिहास, संस्कृति, पारंपरिक खानपान, औषधीय फसलों और स्थानीय कला से जुड़े स्टॉल लगाए गए थे। मुख्यमंत्री ने मोटे अनाज से बने खाद्य पदार्थों, तुलसी की खेती, तुलसी की चाय और औषधीय फसलों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्थानीय उत्पादों के उपयोग और उनकी संभावनाओं को भी समझा। प्रदर्शनी में बुंदेली कला और चित्रकारी का प्रदर्शन कर रही बालिकाओं से मुख्यमंत्री ने बातचीत की। उनकी बनाई पेंटिंग्स देखीं और कुछ कलाकृतियां स्वयं खरीदीं। उन्होंने प्रदर्शनी में शामिल प्रत्येक स्टॉल के प्रतिभागी को पांच-पांच हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने परिसर में पौधारोपण भी किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
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धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय संस्कृति को पहचान देने की कोशिश
ओरछा में चल रही परियोजनाओं के जरिए धार्मिक पर्यटन के साथ क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत, स्थानीय उत्पादों और बुंदेली कला को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। श्रीरामराजा लोक के निर्माण और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण से ओरछा में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।