मध्य प्रदेश में इस साल के अंत में चुनाव है। इससे पहले दोनों ही पार्टियां हर वर्ग को साधने में जुटे हैं। इस बीच छतरपुर में दलित पर मानव मल लगाने की घटना सामने आई है। इस पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्वीट कर भाजपा पर निशाना साधा है। खरगे ने कहा कि भाजपा बाबा साहब के सपने को चूर चूर कर रही है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ट्वीट किया कि मध्य प्रदेश में एक महीने में ही दलित-आदिवासी अत्याचार की दूसरी बेहद निंदनीय व पीड़ादायक वारदात हुई है, जो मानवता को शर्मसार कर देने वाली है। उन्होंने एनसीआरबी रिपोर्ट 2021 का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा शासित मध्य प्रदेश में दलितों के खिलाफ अपराधों का रेट सबसे ज्यादा है। आदिवासियों के खिलाफ सबसे अधिक अपराध हुए हैं। हर दिन सात से ज्यादा अपराध हुए हैं।
खरगे ने कहा कि मध्य प्रदेश के हमारे दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के नागरिक दशकों से भाजपाई कुशासन में अपमान का घूंट पी रहे हैं। भाजपा का "सबका साथ", केवल विज्ञापनों में सिमटकर, एक दिखावटी नारा और PR Stunt बनकर रह गया है ! भाजपा, हर दिन बाबासाहेब अंबेडकर जी के सामाजिक न्याय के सपने को चूर-चूर कर रही है। हम मांग करते हैं कि छतरपुर जिले की इस घटना पर कठोर से कठोर कार्रवाई हो ! बता दें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे दलित वर्ग से ही आते हैं। कांग्रेस भाजपा के संत रविदास मंदिर निर्माण की काट में 13 अगस्त को खरगे की सागर में रैली करा रही है।
भाजपा ने किया पलटवार
मामले में भाजपा एससी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य ने भोपाल भाजपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खरगे के आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि खरगे एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष हैं। उनको यह जानकारी नहीं है कि दलितों पर सबसे ज्यादा अत्याचार कहां हो रहे हैं? वे NCRB की रिपोर्ट देखें। कांग्रेस शासित राजस्थान में सबसे अधिक दलितों पर अत्याचार, दलित महिलाओं के साथ बलात्कार हो रहे हैं। झारखंड में कांग्रेस सरकार में शामिल है और छत्तीसगढ़ जहां कांग्रेस की ही सरकार है..वहां अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र तक नहीं बन रहे हैं। ममता बनर्जी के राज्य में तीन हजार दलितों के मकान जलाए गए। यह सब जानकारी खरगेजी को एकत्रित करनी चाहिए।
उच्च शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि खरगे जी मध्यप्रदेश पर बात कर रहे हैं। जब अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बारे में अनर्गल बात की थी, तब खरगे जी कहां थे? हमने आदिवासी समाज से आने वाली मुर्मू को राष्ट्रपति बनने का मौका दिया था, तब कांग्रेस ने इसका विरोध क्यों किया था? कमलनाथ से पूछेंगे क्या कि सहरिया और बाकी आदिवासियों को 1 हजार रुपये देने की योजना भाजपा सरकार ने बनाई थी, उसे कमलनाथ सरकार ने बंद क्यों किया था? कांग्रेस नेताओं को सलाह दूंगा कि वे मध्यप्रदेश के हर विषय पर बातचीत करें, कोई दिक्कत नहीं। राजस्थान और छत्तीसगढ़ के आंकड़ों पर भी बात करें। राजस्थान के मंत्री ने भरी विधानसभा में महिला अत्याचार पर बात की तो कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें बर्खास्त कर दिया।