प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख कमलनाथ ने रविवार को ट्विटर पर संविधान दिवस की शुभकामनाएं दी। इसमें उन्होंने लिखा कि आज ही के दिन 26 नवंबर 1950 को हमारा संविधान बनकर तैयार हुआ था।
भारत का संविधान ही वह शक्ति है, जिसने देश की विविधता को एकता में समाहित किया है। आइये आज हम सब मिलकर संकल्प लें कि इस संविधान का पालन करते हुए देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने का सदैव प्रयास करते रहेंगे। जय संविधान। यहां उनसे एक गलती हो गई, जिस पर भाजपा ने तंज कसा है। दरअसल, 26 नवंबर 1949 को संविधान बनकर तैयार हुआ था, जबकि कमलनाथ ने इसका वर्ष 1950 लिख दिया।
बता दें कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ में रविवार को सोशल नेटवर्किंग साइट एक पर संविधान दिवस की शुभकामनाएं दी तो इस पर उनके पूर्व मीडिया समन्वयक और भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने तंज कसा। सलूजा ने कहा कि आपकी जानकारी पूर्णत: गलत है। पता नहीं किस सलाहकार ने किया है।
यह है सलाहकारों की जंग
नरेंद्र सिंह सलूजा एक साल पहले तक कमलनाथ के मीडिया समन्वयक हुआ करते थे। उन्हें इस पद से हटाया गया तो वे भाजपा में शामिल हो गए। उन पर इंदौर में सिख समाज के एक कार्यक्रम में कमलनाथ के खिलाफ हुई नारेबाजी को लेकर कार्रवाई की गई थी। इसके बाद सलूजा भाजपा में शामिल हुए और प्रवक्ता बन गए। सलूजा ने लिखा तंज कसा कि आपके ट्वीट में दी गई जानकारी पूर्णतः ग़लत है। 26 जनवरी 1950 को तो हमारा संविधान लागू हो गया था। 26 नवंबर 1949 को यह पूरा हुआ था और इसे अपनाया गया था। पता नहीं किस सलाहकार ने किया है।
जैसा कि हमें मालूम है, संविधान दिवस हर साल 26 जनवरी को मनाया जाता है। इसकी मुख्य ये है कि 26 नवंबर 1949 में भारतीय संविधान सभा की ओर से संविधान को अंगीकार किया गया था। संविधान दिवस मनाने की परंपरा की शुरुआत साल 2015 से की गई। 26 नवंबर 1949 को संविधान को अंगीकार किए जाने के बाद देश में इसे लागू करने में कुछ महीने का वक्त लगा। 26 जनवरी 1950 को संविधान पूरी तरह से लागू कर दिया गया। इसलिए इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है।