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Bhopal: एनजीटी की सख्ती के बाद हरकत में जिला प्रशासन, ग्रीन बेल्ट से एक दिन में हटाए 138 अतिक्रमण

Sat, 25 Nov 2023 11:02 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

राजधानी भोपाल में अलग-अलग स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। सबसे अधिक अतिक्रमण आसाराम बापू रोड से हटाया गया। इसके साथ ही अन्य अलग अलग स्थानों से भी अतिक्रमण हटाया गया। 
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भोपाल में ग्रीन बेल्ट से अतिक्रमण हटाए गए। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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ग्रीन बेल्ट पर हुए अतिक्रमण पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है। जिला प्रशासन ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए ग्रीन बेल्ट से एक ही दिन करीब 138 अतिक्रमण हटाए। इस कार्रवाई के अंतर्गत राजधानी में आशाराम बापू चौराहा से आईटी पार्क बैरागढ़, 11 मिल बाईपास , नीलबड़ बरखेड़ा नाथू रोड ,खजूरी बायपास और साकेत नगर सेक्टर में ग्रीन बेल्ट एरिया से अतिक्रमण हटाने का कार्य संबंधित एसडीएम, पुलिस एवं नगर निगम ने किया।
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यहां से हटाया इतना अतिक्रमण
जिला प्रशासन ने आसाराम बापू से आईटी चौराहा से 70 अतिक्रमण हटाय गए। वहीं 11 मिल बाईपास पर 28 अतिक्रमण हटाय गए। नीलबड़ बरखेड़ा नाथू रोड पर लगभग 15 अतिक्रमण हटाए गए। खजूरी बायपास और साकेत नगर 2सी सेक्टर से लगभग 25 अतिक्रमण हटाय गए। इस दौरान कार्रवाई में संबंधित एसडीएम, नगर निगम अमला, पुलिस, पीडब्ल्यूडी एवं सीपीए के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। 

692 लोकेशन पर अतिक्रमण
एनजीटी ने भोपाल ग्रीन बेल्ट एरिया की 692 लोकेशनों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। इस पर भोपाल कलेक्टर आशीष सिंह ने संबंधित विभागों की बैठक लेकर एनजीटी द्वारा निर्देशित लोकेशनों से अतिक्रमण हटाने के संबंध में चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस दौरान डीएफओ आलोक पाठक, नगर निगम आयुक्त फ़्रेंक नोबल ए, एडीएम हरेन्द्र नारायण सहित वनविभाग, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, सीपीए सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे थे।
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ये भी दिए निर्देश    
कलेक्टर आशीष सिंह ने नगर निगम को निर्देशित किया है कि पिछले पांच वर्षों में उनके द्वारा कमर्शियल निर्माण की जितनी अनुमति दी गई है एवं भविष्य में दी जानी है उनमें पार्किंग व्यवस्था का निरीक्षण करवाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि पार्किंग स्पेस पार्किंग के लिए ही उपयोग हो। साथ ही यह भी देखा जाये कि सभी कमर्शियल निर्माण में पार्किंग प्रोविजन अनिवार्य है इसी के बाद अनुमति दी जाए। उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार एक्शन लिया जाए।
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