मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 में एक साल से भी कम का समय बचा है। इसके साथ ही दोनों राजनीतिक दलों ने वोटरों को साधने दम लगाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने किसानों की कर्ज माफी, पुरानी पेंश बहाली के बाद अब पुलिस कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने का ऐलान किया है।
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने सोशल मीडिया पर कहा कि शिवराज सरकार द्वारा बंद की गई पुलिस की साप्ताहिक अवकाश योजना को मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही फिर बहाल किया जाएगा। प्रदेश में करीब एक लाख के करीब पुलिस कर्मियों की संख्या है। वहीं, इससे एक दिन पहले कमलनाथ ने शिवराज सरकार द्वारा बंद की गई सरकारी कर्मचारियों की पेंशन को दोबारा शुरू करने का वादा किया है। प्रदेश में पुरानी पेंशन की मांग कर रहे कर्मचारियों की संख्या भी करीब चार लाख के आसपास है। वहीं, तीसरा कमलनाथ ने किसान कर्ज माफी योजना को दोबारा लागू करने की घोषणा की थी। प्रदेश में करीब 12 लाख किसान है। 2018 में किसानों की कर्ज माफी योजना के ऐलान के बाद ही प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनाने के करीब पहुंच पाई थी और सरकार बनाई भी। लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया के अपने समर्थकों के साथ बीजेपी में शामिल होने से सरकार गिर गई थी। अब देखना यह होगा कि कमलनाथ की इन घोषणाओं से आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को कितना लाभ मिलता है।
नरोत्तम मिश्रा ने कसा तंज
वहीं, कमलनाथ की घोषणाओं पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने रविवार को तंज कसा था। मिश्रा ने एक बयान जारी कर कहा कि कमलनाथ जी काठ की हांडी एक ही बार चढ़ती है। लगातार झूठ बोलने से लोग भ्रमित नहीं होते है। आपकी रोज-रोज की नई नई घोषणाओं से एक फिल्म का गाना याद आ रहा है कसमे वादे प्यार वफा, आपकी बाते हैं बातों का क्या?
गृहमंत्री ने कहा कि 10 दिन में दो लाख तक का कर्जा आप माफ करने वाले थे। ऐसा नहीं करने पर मुख्यमंत्री बदलने वाले आप थे। बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने वाले आप थे। कमलनाथ जी मध्य प्रदेश आपके झूठे वादों को भुला नहीं है। एक भी बेटी को आपने 51 हजार रुपया नहीं दिया। युवाओं से कहा ढोल बजाओ ढोर चराओं। सब जन हितैषी योजनाओं पर ताले डज्ञल दिए। मत भूलिए काठ की हांडी एक ही बार चढ़ती है, अब नहीं चढने वाली हैं।