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MP Politics: बीजेपी की राह पर कांग्रेस, पटवारी, सिंघार और कटारे के जरिए OBC-ST-GEN को साधने का प्रयास

Sat, 16 Dec 2023 09:26 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

पूर्व सीएम कमलनाथ विदेश में हैं। इधर, पार्टी हाईकमान ने उन्हें पद से मुक्त कर दिया। तीन नए युवा चेहरों को आगे करके पार्टी ने ये संकेत दे दिए हैं कि पार्टी अब पीढ़ी परिवर्तन की तरफ बढ़ रही है।
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जीतू पटवारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ऑल इंडिया कांग्रेस ने शनिवार को मध्यप्रदेश संगठन में बड़ा उलटफेर करते हुए पिछड़ा वर्ग, आदिवासी जनजाति और सामान्य वर्ग को साधने का प्रयास किया है। पार्टी हाईकमान ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पद से कमलनाथ की छुट्टी करते हुए उनके स्थान पर पूर्व मंत्री और ओबीसी वर्ग से आने वाले जीतू पटवारी को पार्टी की कमान दी है। वहीं, आदिवासी चेहरे उमंग सिंघार को 16वीं विधान सभा के लिए नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया है। इसके साथ ही दूसरी बार के विधायक हेमंत कटारे को उप नेता प्रतिपक्ष बनाया।

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अटेर से विधायक कटारे ब्राह्मण जाति के हैं और सामान्य वर्ग से आते हैं। ये तीनों ही राहुल गांधी की पसंद माने जाते हैं। पार्टी के इस बड़े बदलाव के पीछे भी राहुल गांधी की सोच बताई जा रही है। इस निर्णय में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की भी भूमिका छिपी नहीं है। बता दें, मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद से ही पार्टी में बदलाव की मांग उठ रही थी। पार्टी हाईकमान भी इसके संकेत दे चुका था। 

नहीं बैठ रही थी पटरी
बताया जा रहा है कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और ऑल इंडिया कांग्रेस में लंबे समय से पटरी नहीं बैठ पा रही थी। इसी का नतीजा रहा कि पार्टी को विधानसभा चुनाव में मुंह की खानी पड़ी। नाथ और दिल्ली में तालमेल न होने की झलक कई बार पार्टी फैसलों में भी साफ दिखाई देती थी। ऐसे में पार्टी ने अब फाइनली कमलनाथ के हाथ से प्रदेश की कमान लेते हुए युवा चेहरे जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी सौंपी दी है। हालांकि, जीतू पटवारी खुद इस बार विधानसभा चुनाव में जीत हासिल नहीं कर पाए, वह राऊ विधानसभा से अपना चुनाव हार गए थे।
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नाथ करते रहे दावा
इधर, चुनाव में मिली हार के बाद भी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ यह दावा करते रहे कि वे दिल्ली नहीं जाएंगे और न ही वे रिटायरमेंट लेंगे। इतना ही नहीं उनका कहना था कि दिल्ली से लौटकर वे लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटेंगे। इसके लिए उन्होंने प्रदेश का दौरा करने की बात भी कही थी। लेकिन पार्टी ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर अब ये साफ कर दिया है कि लोकसभा चुनाव में पार्टी वो गलतियां दोहराने के मूड में नहीं है, जो विधानसभा चुनाव में हुई हैं। लोकसभा चुनाव अब युवा नेतृत्व में लड़ा जाएगा। 

अफवाह निकली थी इस्तीफे की खबर 
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद दिल्ली में समीक्षा बैठक रखी गई थी। इसमें कमलनाथ के शामिल होने के बाद से ही उनके इस्तीफे को लेकर खबरों का बाजार गर्म हो गया था। इतना ही नहीं खबरें यहां तक सामने आ गई थीं कि कमलनाथ से पार्टी हाईकमान ने इस्तीफा मांग लिया है और उन्होंने इस्तीफा दे भी दिया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही नाथ के इस्तीफे की खबर का उनके मीडिया समन्वयक पीयूष बबेले ने खंडन भी किया था। 

बयान रहे चर्चा में 
विधानसभा चुनाव के दौरान सामने आए कमलनाथ के कई बयान भी उनके इस्तीफे के लिए जिम्मेदार माने जा रहे हैं। इनमें इंडिया गठबंधन की भोपाल में होने वाली रैली को लेकर दिया गया बयान। इसके बाद दिग्विजय सिंह और उनके बेटे जयवर्धन सिंह को लेकर कार्यकर्ताओं के सामने दिया गया कपड़े फाड़ने वाला बयान। सपा नेता अखिलेश यादव को लेकर दिया गया बयान।

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