भाजपा नेता और पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने अब नया शिगूफा छेड़ा है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी अनुमति देगी तो वह छिंदवाड़ा में कमलनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ने को भी तैयार हैं। वह बालाघाट से 13 बार चुनाव लड़ चुके हैं। बालाघाट में आरटीओ और पुलिस को गालियां देने वाला बिसेन का वीडियो हाल ही में वायरल हुआ था। इस पर सफाई देने के लिए उन्होंने सोमवार को भोपाल में कुछ पत्रकारों से बात की। इस दौरान उनसे कमलनाथ के बालाघाट वाली घटना पर आए कमेंट पर प्रतिक्रिया मांगी गई थी। वीडियो सामने आने पर कमलनाथ ने कहा था कि यह तो उनका स्वभाव रहा है। यह उनकी सोच को दर्शाता है।
इस पर बिसेन ने कहा कि भाजपा नेतृत्व फैसला लेकर कहेगा कि गौरीशंकर चुनाव लड़ना है तो मैं जरूर लडूंगा। मुझे पार्टी जहां से कहेगी, मैं वहां से चुनाव लडूंगा। छिंदवाड़ा में कमलनाथ के खिलाफ उतरने को भी तैयार हूं। बालाघाट से चुनाव नहीं लडूंगा। वहां मैंने 13 बार विधानसभा, लोकसभा चुनाव में जनता से वोट लिया है। एक बार मेरी पत्नी को भी टिकट मिला था। अब 14 बार हो गया। बालाघाट में बहुत हो गया। वहां नई पीढ़ी को मौका मिलना चाहिए।
बिसेन ने आरटीओ से मांगी माफी
गौरीशंकर बिसेन ने वायरल वीडियो को लेकर बालाघाट आरटीओ से माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि मैंने बालाघाट में भी कहा था। आज फिर कहता हूं। हिंदुस्तान में जहां बुलवाओगे, वहां मैं बोलूंगा। मैंने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया, मेरे स्वभाव में ऐसे शब्द कभी आते ही नहीं। उन परिस्थितियों में जो कठोर शब्द मुझसे निकले, वे अच्छे शब्द नहीं थे। उसके लिए मैंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। अभी भी मैं माफी मांग रहा हूं। मैंने एआरटीओ से माफी मांगी है। जूनियर से भी माफी मांगी। मुख्यमंत्री जी के सामने मैंने अपनी बात रखी। मीडिया के माध्यम से पूरे देश के लोगों से माफी मांगता हूं।
घटना को लेकर दी सफाई
बिसेन ने उस समय आए गुस्से की वजह भी बताई है। उन्होंने कहा कि दस तारीख की शाम उसी स्थान पर महिला की मौत हुई। थाने से तीन किलोमीटर दूर वह गांव है। किशोर पालीवाल और उनकी टीम के साथ तय हुआ था कि एआरटीओ साहब आएंगे और दुर्घटना करने वाली बस के मालिक को समझाएंगे। आगे कभी ऐसी घटना न होने पाए, यह सुनिश्चित किया जाएगा। आरटीओ साहब कलेक्टर के कहने के बावजूद नहीं आए, मैंने भी बात की थी।
अचानक हुई गाली देने की घटना
बिसेन ने कहा कि एआरटीओ को शायद डर लग रहा होगा कि मैं भी वहां आ रहा हूं। मृतका के देवर की पत्नी लंबे समय तक सरपंच रहीं। जनसंघ के जमाने से उनके पिता हमारे कार्यकर्ता रहे हैं। कांग्रेस क्या कह रही है, इस पर मुझे जवाब देने की जरूरत नहीं है। अधिकारियों को गाली देने की जरूरत नहीं है। यह अचानक हुई घटना है, इसे किसी अन्य विषय से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।