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MP Politics: भाजपा ने ओबीसी-जनरल और एससी में बनाया पावर बैलेंस, एसटी से भी जल्द होगी बड़ी भूमिका तय

Tue, 12 Dec 2023 11:32 AM IST
नितिन तिवारी न्यूज डेस्क अमर उजाला भोपाल

सार

विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा अब लोकसभा पर नजर बनाए हुए है। इसी की एक झलक मध्यप्रदेश के सीएम, डिफ्टी सीएम और विधानसभा अध्यक्ष के पदों पर सामने आए नामों में मिली। आगे भी पार्टी और फेरबदल कर सबको हैरत में डाल सकती है।
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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भारतीय जनता पार्टी अक्सर अपने फैसले से सबको चौकाती आई है। इस बार भी भाजपा ने मोहन यादव का नाम विधायक दल के नेता के तौर पर चुनकर सबको हैरान कर दिया है। सीएम, डिफ्टी सीएम और विधान सभा अध्यक्ष के पदों पर नाम तय करके प्रदेश में बीजेपी ने जातियों का पावर बैलेंस बनाने की कोशिश की है। जहां मोहन यादव ओबीसी वर्ग से हैं तो वहीं राजेंद्र शुक्ला और नरेंद्र सिंह तोमर सामान्य वर्ग से। शुक्ला ब्राह्मण जाति के हैं जबकि तोमर ठाकुर जाति के। जगदीश देवड़ा एससी वर्ग से आते हैं। पार्टी ने तीन मुख्य वर्गों को तो साध लिया है अब एसटी वर्ग से भी किसी विशेष चेहरे को जल्द बड़ा दायित्व दिया जा सकता है। 
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किसे क्या मिला 
बता दें, यादव के साथ ही भाजपा ने दो डिप्टी सीएम और विधानसभा अध्यक्ष के लिए भी नाम तय कर लिए हैं। बताया जा रहा है कि मंत्री राजेंद्र शुक्ल और मंत्री जगदीश देवड़ा को डिफ्टी सीएम बनाया जायेगा जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर विधानसभा के अध्यक्ष होंगे। हालांकि अभी इन नामों का ओपचारिक एलान नहीं हुआ है। 

मंत्री मंडल में जगह 
क्षेत्रवाद की बात की जाए तो मालवा, विंध्य और ग्वालियर से नाम सामने आ चुके हैं। यहां से सीएम, डिफ्टी सीएम और विधान सभा अध्यक्ष का चुनाव किया गया है। जबकि 
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महाकौशल, मध्य और निमाड़ की सत्ता में भागदारी शेष है। ऐसे में कहा जा रहा है कि अब मंत्री मंडल में बाकी सभी मुख्य जातियों और क्षेत्रों को साधने का काम किया जायेगा। 
प्रदेश में मुख्यमंत्री सहित 35 मंत्री बनाए जा सकते हैं। अब देखना होगा कि किस जाति और किस वर्ग को इसमें कितना प्रतिनिधित्व मिलता है। 

आगे यहां मौका
मुख्य जाति और वर्ग से चेहरे और नामों को एडजेस्ट करने के लिए मध्य प्रदेश में आगे अभी और भी अवसर हैं। लोकसभा चुनाव सामने हैं। लोकसभा में जाने का मोका मिल सकता है। इसके साथ ही अगले साल एमपी में पांच राज्यसभा सीटें भी रिक्त हो रही हैं। यहां भी बैलेंस किए जाने की गुंजाइश है।
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