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Mp: कुपोषण के मामले में एमपी नंबर वन, पोषण आहार में नए नए तरीके से किए घोटाले,अरुण यादव ने सरकार पर बोला हमला

Sun, 01 Sep 2024 05:58 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण यादव ने एमपी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि देश में कुपोषण के मामले में मध्य प्रदेश पहले नंबर पर है। आखिर एमपी से कुपोषण का कलंक कब मिटेगा? 
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काग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण यादव - फोटो : social media
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विस्तार
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मध्य प्रदेश में बच्चों में कुपोषण को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला हैं। उन्होंने कहा कि देश में कुपोषण के मामले में मध्य प्रदेश पहले नंबर पर है। आखिर एमपी से कुपोषण का कलंक कब मिटेगा? नेता अरुण यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि देश में कुपोषण के मामले में मप्र प्रथम स्थान पर है। मप्र में भाजपा की निकम्मी सरकार पिछले 20 वर्षों से कुपोषण मिटाने के नाम पर नेताओं अधिकारियों की सांठगांठ से अरबों रुपए का बंदरबांट कर चुकी है, साथ ही पोषण आहार में नए नए तरीके से घोटाले किए गए है। 
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घोटालेबाजों पर सरकार ने नहीं की कार्रवाई 
अरुण यादव ने लिखा कि घोटालेबाजों पर अभी तक सरकार ने कोई कठोर कार्रवाई नहीं की है। आखिर मप्र से कुपोषण का कलंक कब मिटेगा। गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित पोषण ट्रैकर की जून 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश की 97 हजार 135 आंगनबाड़ी में 6 साल तक के पंजीकृत 65 लाख 99 हजार बच्चों में से करीब 40 प्रतिशत यानी 26 लाख बच्चे बौने या मध्यम बौने कैटेगरी में हैं। वहीं 27 फीसदी बच्चे कम वजन के पाए गए हैं। कम वजन वाले बच्चों की संख्या में 3 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।

बढ़ती महंगाई को देखते हुए राशि बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा
प्रदेश को मिलने वाली पोषण आहार की राशि केंद्र सरकार बढ़ाने जा रही है। राज्य सरकार ने बढ़ती महंगाई को देखते हुए राशि बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था। 6 माह से 6 साल तक के बच्चे, गर्भवती, अति कम वजन के बच्चों को प्रति हितग्राही प्रतिदिन पूरक पोषण आहार दिया जाता है। प्रति बच्चे पर पोषण आहार के लिए 8 से 12 रुपए तक खर्च होता है। इस वजह से राज्य सरकार ने केंद्र को प्रस्ताव भेजा था और मांग की थी कि प्रति बच्चे पर मिलने वाली राशि को 12 रुपए की जगह 18 रुपए किया जाए।
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