में धान और गेहूं की खरीदी को लेकर सियासत गरमा गई है। राज्य सरकार द्वारा सरकारी खरीदी से पीछे हटने के फैसले पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर किसानों के साथ विश्वासघात और आर्थिक शोषण का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार किसानों को उनके हाल पर छोड़ रही है।
किसानों के लिए पैसे नहीं, लेकिन कार्यक्रमों में करोड़ों खर्च
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार अब धान और गेहूं की खरीदी नहीं करेगी और अपनी जिम्मेदारी केंद्र के पाले में डाल रही है। सरकार कहती है कि हमारे पास पैसे नहीं हैं, लेकिन बड़े-बड़े आयोजनों और विज्ञापनों पर करोड़ों रुपए खर्च हो जाते हैं। उस वक्त आपको कर्ज याद नहीं आता, पर जब किसानों की खरीदी का वक्त आता है, तब आप कर्ज का रोना रोते हैं। सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की कि तुरंत खरीदी प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनावों में 2700 में गेहूं और 3100 में धान खरीदने का वादा किया था, लेकिन दो साल बीतने के बावजूद किसानों को उनका हक नहीं मिला।
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भाजपा सरकार ने किसानों से मुंह मोड़ा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर यह स्पष्ट कर दिया है कि अब राज्य सरकार धान और गेहूं की खरीदी नहीं करेगी और इसकी जिम्मेदारी भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) पर डाल दी जाएगी। जब एफसीआई खरीदी करेगा तो गुणवत्ता मानक के नाम पर लाखों क्विंटल धान और गेहूं रिजेक्ट किए जाएंगे। इससे किसानों को मजबूर होकर अपनी फसल औने-पौने दामों पर निजी व्यापारियों को बेचना पड़ेगा। पटवारी ने कहा कि भाजपा सरकार हर बार किसानों से झूठे वादे करती रही है। कभी बोनस, कभी समर्थन मूल्य, तो कभी खरीदी केंद्रों की अव्यवस्था के नाम पर। अब तो सरकार ने पूरी तरह से किसानों से मुंह मोड़ लिया है। यह स्पष्ट संकेत है कि भाजपा अब किसानों की नहीं, पूंजीपतियों की सरकार बन चुकी है।
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सड़क से सदन तक लड़ाई जारी रहेगी
कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि राज्य सरकार ने यह निर्णय वापस नहीं लिया तो कांग्रेस सड़कों से लेकर सदन तक किसानों की आवाज बुलंद करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि पूर्व की तरह राज्य सरकार द्वारा ही खरीदी की प्रक्रिया संचालित की जाए, ताकि किसानों को समर्थन मूल्य और सुरक्षा दोनों मिल सकें।