मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र बुधवार को आठ विधेयक को पारित कर संपन्न हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सत्र की समाप्ति पर कहा कि लोकतंत्र में पक्ष और विपक्ष दोनों की भूमिका अहम होती है। उन्होंने कहा कि यह सत्र आखिरी क्षण तक सार्थक और प्रभावशाली रहा, जिसमें सरकार ने कई अहम विधेयकों पर चर्चा करते हुए उन्हें पारित करवाया। मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, संसदीय कार्यमंत्री, सभी मंत्रियों और समस्त विधायकों को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने इस मानसून सत्र में जो तय किया था, वह बेहतर ढंग से पूरा हुआ। जनकल्याणकारी बजट को मंजूरी दी गई और राज्य के सभी क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। हमारी सरकार निवेशकों को आमंत्रित कर रही है ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई दी जा सके। सत्र के समापन अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने अपने उद्बोधन में इस सत्र को सफल और सारगर्भित बताया। उन्होंने कहा कि इस सत्र में कुल 8 बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें विधायी, वित्तीय और लोकमहत्व के कई कार्य पूरे किए गए।
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जबरन वसूली और ब्याज का मुद्दा उठाया
कांग्रेस विधायक महेश परमार और पंकज उपाध्याय ने किसानों पर बिजली विभाग द्वारा की जा रही "जबरन वसूली" और "भारी ब्याज दर" का मुद्दा उठाया। विधायक परमार ने कहा कि किसानों को गलत तरीके से बिजली चोरी का दोषी ठहराया जा रहा है और मोटर की क्षमता बढ़ाकर बिल थोपे जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि लोक अदालत में छूट का प्रतिशत 30 से बढ़ाकर 50% किया जाए। स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि नए मीटर से बिल में 10 गुना बढ़ोतरी हो रही है। विधायक पंकज उपाध्याय ने कहा कि किसानों को 8-10 घंटे की बजाय सिर्फ 1-2 घंटे बिजली मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली कंपनी ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह काम कर रही है और किसानों से 16% ब्याज वसूला जा रहा है, जबकि उद्योगपतियों के करोड़ों रुपये माफ कर दिए जाते हैं।
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भाजपा विधायक ने कांग्रेस को बताया गलत
बीजेपी विधायक भगवानदास सबनानी ने कांग्रेस के आरोपों को गलत बताया और सरकार की बिजली योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने सुझाव दिया कि किसानों को बिल उनके घर जाकर दिए जाएं। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में 37 लाख कृषि उपभोक्ता हैं और 5 साल से बिजली बिल नहीं बढ़ाए गए। 10 लाख उपभोक्ताओं के सर्वे में पाया गया कि 4 लाख किसानों का लोड अधिक था, जिसे समायोजित किया गया है।
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सीएम बोले- सोलर कनेक्शन से बिजली देगी सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन को जानकारी दी कि अगले 3 साल में 30 लाख किसानों को स्थायी और 2 लाख को अस्थायी बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि डेढ़ साल में 7.5 लाख हेक्टेयर सिंचाई रकबा बढ़ाया गया है और भविष्य में सोलर कनेक्शन के जरिए किसानों को बिजली दी जाएगी।
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सदन में पारित हुए प्रमुख विधेयक
इस सत्र में आठ महत्वपूर्ण विधेयक चर्चा के बाद पारित किए गए, जिनमें शामिल हैं मध्य प्रदेश मोटरयान कराधान संशोधन विधेयक, 2025, मध्य प्रदेश जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2025, मध्य प्रदेश माध्यमस्थ अधिकरण संशोधन विधेयक, 2025, विधिक सहायता और विधिक सलाह निरसन विधेयक, 2025, भारतीय स्टांप (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक, 2025, मध्य प्रदेश माल और सेवा कर संशोधन विधेयक, 2025, रजिस्ट्रीकरण (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक, 2025 और भारतीय स्टांप (मध्य प्रदेश द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025 विधेयक शामिल हैं।