विधायक कमलेश डोडियार गांधी प्रतिमा के नीचे अनशन करते
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मध्य प्रदेश विधानसभा में भारत आदिवासी पार्टी के एकमात्र विधायक कमलेश्वर डोडियार सोमवार को विधानसभा शुरू होने के साथ परिसर में स्थित गांधी प्रतिमा के नीचे अमरण अनशन पर बैठ गए। डोडियार रतलाम जिला अस्पताल के डॉक्टर चंद्र प्रताप सिंह राठौर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके निलंबन की मांग की है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर ने उन्हें जातिसूचक गालियां देकर न केवल उनका बल्कि संपूर्ण आदिवासी समाज का अपमान किया है। विधायक ने चार महीने से डॉक्टर के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न होने पर आक्रोश व्यक्त किया है। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष ने उनको अनशन खत्म करने की सूचना अधिकारियों के माध्यम से पहुंचाई, लेकिन उन्होंने डॉक्टर के निलंबन तक आमरण अनशन खत्म ना करने की बात कहीं। इस बीच स्थानीय पुलिस को उनकी निगरानी करने को कहा गया। डॉक्टरों की टीम ने विधायक का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया। विधायक ने कहा कि मुझे हमेशा जान का खतरा रहता है इसलिए गालीबाज डॉक्टर के निलंबन तक विधानसभा परिसर में गांधीजी की प्रतिमा के नीचे किए जा रहे आमरण अनशन के दौरान विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिख हर पल की वीडियो रिकॉर्डिंग करने की मांग की।
अन्याय के खिलाफ आमरण अनशन का एलान
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर बताया कि अगर 24 मार्च 2025 को सदन में उनकी सुनवाई नहीं होती है, तो वे विधानसभा परिसर में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे आमरण अनशन पर बैठेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक डॉक्टर को निलंबित नहीं किया जाता, तब तक वे न भोजन करेंगे और न ही पानी ग्रहण करेंगे।
चार महीने से न्याय की लड़ाई
विधायक डोडियार ने बताया कि यह घटना 5 दिसंबर 2024 की है, जब वे खुद की तबीयत खराब होने के कारण रतलाम जिला अस्पताल पहुंचे थे। वहां इमरजेंसी वार्ड में एक व्यक्ति से डॉक्टर की उपलब्धता के बारे में पूछने पर उसने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं। बाद में पता चला कि वह व्यक्ति डॉक्टर चंद्र प्रताप सिंह राठौर थे। इस मामले में उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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आदिवासी समाज में आक्रोश
विधायक ने कहा कि इस मामले को उन्होंने विधानसभा के पिछले सत्र में भी उठाया था, लेकिन सरकार ने अब तक डॉक्टर को निलंबित करने या अभियोजन की स्वीकृति देने का निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अब तक मामले की जांच पूरी नहीं की और न ही न्यायालय में चालान पेश किया। इससे न सिर्फ उनका बल्कि संपूर्ण आदिवासी समाज का अपमान हुआ है।
सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग
डोडियार ने कहा कि यह सिर्फ उनका व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि संपूर्ण भीलप्रदेश (मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र) के आदिवासियों की भावनाओं से जुड़ा विषय है। उन्होंने सरकार से तत्काल डॉक्टर के निलंबन की मांग की और कहा कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो वे अपना आमरण अनशन जारी रखेंगे।