भाजपा ने भोपाल से पूर्व महापौर आलोक शर्मा को बनाया प्रत्याशी
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भाजपा ने विधानसभा चुनाव हारे और पूर्व महापौर आलोक शर्मा को भोपाल से प्रत्याशी बनाया है। इससे पहले अलोक शर्मा को भाजपा ने उत्तर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया था। हालांकि उनको हार का सामना करना पड़ा। आलोक शर्मा का विधानसभा चुनाव से पहले एक बयान काफी सुर्खियों में रहा था। उन्होंने रतलाम के जावरा में कहा था कि मैं मुस्लिम भाइयों से कहना चाहता हूं तुम वोट तो नहीं दोगे। वोट मत देना मियां, पर दिल से स्वीकार करो कि जिस मकान में तुम रह रहे हो वह मकान प्रधानमंत्री की योजना में मिला है। उन्होंने कहा कि मियां भाई भाजपा को वोट मत देना, लेकिन वोट डालने भी मत जाना।
क्यों मिला आलोक शर्मा को टिकट?
53 वर्षीय आलोक शर्मा पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष और काफी सक्रिय रहते हैं। स्थानीय नेता और पार्टी नेताओं की पंसद के चलते आलोक शर्मा को पार्टी ने लोकसभा चुनाव में भोपाल से प्रत्याशी बनाया है। आलोक शर्मा की हिंदू वाले नेता की छवि है।
इसलिए कटा साध्वी प्रज्ञा का टिकट
भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का टिकट भाजपा ने काट दिया है। पार्टी के नेताओं के अनुसार साध्वी की क्षेत्र में कम सक्रियता और उनके विवादित बयानों के चलते पार्टी ने उनका टिकट काट दिया है। प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने 2019 में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को चुनाव में हराया था। अब उनकी नई भूमिका शीर्ष नेतृत्व तय करेगा।
भोपाल सीट पर 1989 से है भाजपा का कब्जा
1989- सुशील चंद्र वर्मा, 1991- सुशील चंद्र वर्मा, 1996- सुशील चंद्र वर्मा, 1998- सुशील चंद्र शर्मा, 1999- उमा भारती, 2004- कैलाश जोशी, 2009- कैलाश जोशी, 2014- आलोक संजर, 2019- प्रज्ञा सिंह ठाकुर।