पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ कमलनाथ ने सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से संविदा एएनएम को नियमित पद की भर्ती परीक्षा देने की अनुमति देंने की मांग की।
पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में संविदा स्वास्थ्य कर्मी के पदों पर काम कर रहीं प्रदेश की करीब 7000 एएनएम नियमित पदों पर हो रही भर्ती परीक्षा में नहीं बैठ पा रहीं हैं। नियमित पदों के लिए होने वाली परीक्षा से वंचित हो रहीं उक्त संविदा स्वास्थ्यकर्मी एएनएम को परीक्षा की अनुमति दें। कमलनाथ ने कहा कि परीक्षा परीक्षा नियमों में संशोधन करें, 7000 एएनएम बहनें अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रही हैं।
कमलनाथ ने कहा कि यह वही एएनएम बहने हैं, जिन्हें महामारी के समय कोरोना योद्धा बताया था। यह संविदा स्वास्थ्य एएनएम बहनें पिछले 10 से 15 वर्ष से मध्य प्रदेश की जन स्वास्थ्य व्यवस्था का अभिन्न अंग हैं। एक तरफा भर्ती नियमों के कारण इनकी रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। मेरी, छिंदवाड़ा की एएनएम बहनों से इस संबंध में मुलाकात हुई थी और वे न्यायालय की शरण में गई थी। इस संबंध में माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश पर छिंदवाड़ा की एएनएम बहनों को परीक्षा की अनुमति दी गई है। सरकार न्यायालय के इस आदेश को प्रदेश की सभी एएनएम बहनों पर लागू करते हुए भर्ती विज्ञापन में संशोधन करे ताकि सभी एएनएम बहनों को नियमित पदों में परीक्षा देने का मौका मिल सके।