मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे और खेती के लिए बिजली कनेक्शन वाले किसानों के बीच बड़े अंतर को लेकर एक सर्वे करा रही है। सरकार जानना चाहती है कि प्रदेश में करीब 45 लाख किसान बिना बिजली कनेक्शन के कैसे खेती कर रहे हैं। दरअसल प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वाले किसानों की संख्या 80 लाख से ज्यादा है, जबकि खेतों पर बिजली कनेक्शन सिर्फ 35 लाख किसानों के पास ही है। इस अंतर का कारण जानने के लिए ऊर्जा विभाग ने सर्वे का निर्णय लिया है। इसके माध्यम से सरकार जानना चाहती है कि क्या किसानों के खेत तक बिजली की लाइन नहीं पहुंची है। या एक बिजली के कनेक्शन का उपयोग दो से ज्यादा किसान कर रहे हैं।
यह भी है आशंका
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने संभावित कारणों में संयुक्त रूप से एक ही बिजली मीटर का उपयोग या बिजली चोरी की संभावना जताई है। सर्वे के दौरान यह भी देखा जाएगा कि किन किसानों के खेतों तक बिजली लाइन नहीं पहुंची है। ऐसे किसानों को सोलर पंप योजना का लाभ दिलाने के प्रयास किए जाएंगे और जहां जरूरत होगी, वहां बिजली लाइन भी बिछाई जाएगी।
क्या है पीएम किसान सम्मान निधि योजना
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र सरकार किसानों को साल में तीन किश्तों में 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है। यह योजना उन किसानों के लिए है जिनके पास अधिकतम दो हेक्टेयर जमीन है। सरकार का उद्देश्य गरीब किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना और खेती के लिए उन्हें संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों की टिप्पणी
ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने कहा कि हम पीएम किसान सम्मान निधि और प्रदेश में बिजली कनेक्शन लेने वाले किसानों की संख्या में इस अंतर का कारण जानने के लिए सर्वे करा रहे हैं। जहां बिजली की लाइन नहीं पहुंची होगी, वहां लाइन बिछाने के प्रयास किए जाएंगे और किसानों को सोलर पंप योजना से जोड़ा जाएगा।