मध्य प्रदेश के श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता शाशा किडनी संक्रमण से पीड़ित है। शाशा की जांच रिपोर्ट के आधार पर दुनिया में चीतों के सबसे बड़े विशेषज्ञ डॉ. एड्रियन टोरडीफ के परामर्श से इलाज चल रहा है। साउथ अफ्रीका के डॉक्टर एड्रियन को चीता की रिपोर्ट बता कर परामर्श लिया जा रहा है। इसके अलावा नामाबिया के डॉक्टरों से भी सलाह ली जा रही है। हालांकि वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब शाशा की सेहत में पहले से सुधार है।
खाना नहीं खा रही शाशा, भोपाल से पहुंच डॉक्टर
मादा चीता शाशा को 22-23 जनवरी को बीमार होने के लक्षण पता चले थे। इसके बाद उसे बड़े बाड़े से छोटे बाड़े में शिफ्ट किया गया। शाशा खाना नहीं खा रही थी और सुस्त रह रही थी। इसके बाद कूनो नेशनल पार्क में मौजूद तीन डॉक्टर और भोपाल से भी मेडिकल डॉक्टरों की टीम उसे देखने पहुंची थी।
चार डॉक्टर और एक नामीबिया के चीता विशेषज्ञ कर रहे देखरेख
पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ जसबीर सिंह चौहान ने बताया कि साउथ अफ्रीका के डॉक्टर एड्रियन टोरडीफ और नामीबिया के विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लेकर शाशा का इलाज किया जा रहा है। उसकी सभी रिपोर्ट चिकित्सकों से साझा की जा रही है। अब उसकी सेहत में सुधार है। फिलहाल उसकी देखरेख चार डॉक्टर और एक नामीबिया के चीता विशेषज्ञ कर रहे हैं।
खुले जंगल में छोड़ने पर जल्द फैसला
बता दें, श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से आठ चीतों को लाया गया था। इसमें पांच मादा और तीन नर चीते शामिल हैं। चार माहों से चीतों को छोटे बाड़े और बड़े बाड़े में रखा गया है। अब इनको खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इसका निर्णय स्टेट चीता टास्क फोर्स को लेना है। इसके बाद चीतों को खुले में छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अगले महीने दक्षिण अफ्रीका से आएंगे 12 चीते
दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते फरवरी में आ सकते हैं। दक्षिण अफ्रीका से इन चीतों को लाने के लिए वहां की सरकार ने करार पर हस्ताक्षर कर लिए हैं। चीते अफ्रीका में क्वारेंटाइन हैं। वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि फरवरी में चीते कूनो आ सकते हैं। पहले इन्हें गणतंत्र दिवस के पूर्व भारत लाने की योजना थी।