नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कलियासोत नदी की चौड़ाई छोड़ कर दोनों किनारे से 33 मीटर के दायरे में अनधिकृत रूप से मकान बनाने वालों पर कार्रवाई करने के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई जिला प्रशासन और नगर निगम को करना है। सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन और निजी जमीन पर अनाधिकृत निर्माण के खिलाफ नगर निगम को कार्रवाई करना है। नगर निगम की तरफ से सागर प्रीमियम टॉवर, अल्टीमेट कैंपस, भूमिका रेसीडेंसी, सिग्नेचर, सर्वधर्म, मंदाकिनी कॉलोनी, शिर्डी पूरम, अमरनाथ कॉलोनी में नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। बता दें 36 किमी कलियासोत नदी के शहर में स्थित इलाके में कॉलोनाइजर ने बड़े कंस्ट्रक्शन करके आम जनता को बेच दिए। अब यह अवैध चिन्हांकन और सीमांकन में आ गए हैं।
एनजीटी ने यह दिया है आदेश
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में यह केस 2014 से चल रहा है। एनजीटी ने अगस्त 2023 में दो माह में नदी के दोनों किनारे से 33 मीटर के दायरे में चिन्हांकन और सीमांकन करने के आदेश दिए थे। इसके बाद 31 अगस्त तक इस दायरे में आने वाले अवैध अतिक्रमण और अनधिकृत निर्माण को तोड़ने को कहा था। आदेश पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 15 जनवरी को पेश करने के निर्देश दिए हैं।
अवैध और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेंगे
कोलार एसडीएम आशुतोष गोस्वामी ने बताया कि चिन्हांकन और सीमांकन का काम पूरा हो गया है। अब रिपोर्ट को एकजगह एकत्रित किया जा रहा है। दो जनवरी तक यह काम पूरा हो जाएगा। नगर निगम ने नोटिस देना शुरू कर दिया है। 15 जनवरी तक एनजीटी में रिपोर्ट पेश करना है। अब हम अवैध और अनधिकृत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू करेंगे।
विधायक का कलेक्टर को पुनर्विचार करने पत्र
नदी के किनारे 33 मीटर के दायरे में आने वाले निर्माण को तोड़ने के नोटिस जारी किए हैं। अब इस पर हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने मानवीय आधार पर कार्रवाई नहीं करने की मांग की है। उन्होंने मानवीय आधार पर आदेश पर पुनर्विचार करने को कहा है। उन्होंने अनाधिकृत निर्माण के दायरे में आने वाली कॉलोनियों का जिक्र कर लिखा है कि यहां लोगों ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी खर्च कर मकान खरीदी है। इनको तोड़ने के नोटिस पर पुनर्विचार किया जाए।