मध्य प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 में प्राप्त निवेशों के क्रियान्वयन को लेकर रविवार को मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की। सीएम ने कहा कि निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के लिए ठोस रणनीति नाकर क्रियान्यवन किया जाए। उन्होंने कहा कि यह समिट मध्य प्रदेश की प्रगति का सूर्योदय है। ऐसा उत्साह पहले नहीं देखा गया। निवेश के लिए निवेशकों में उत्साह है। इस वातारण का लाभ उठाया जाएगा। सीएम ने कहा कि आज राज्यों के बीच भी प्रतिस्पर्धा है। मध्य प्रदेश अपने प्रयासों में कमी नहीं रखेगा। भारत को मजबूत अर्थ-व्यवस्था देने में अपने योगदान के लिए मध्य प्रदेश प्रतिबद्ध है।
बैठक में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा, खाद्य मंत्री बिसाहूलाल सिंह, लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण राज्य मंत्री भारत सिंह कुशवाह और मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस भी वर्चुअली जुड़े।
समिट में प्रस्तुत प्रस्तावों की अगले सप्ताह समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लग एंड प्ले सुविधा, नोटिफाइड एरिया में कार्यों को बिना अनुमति करने और तीन साल तक कोई निरीक्षण न किए जाने के फैसलों के विधिवत आदेश जारी किए जाएं। साथ ही पृथक विण्डो के रूप में एक पोर्टल कार्य करे, इसकी व्यवस्था भी की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रति सोमवार निवेशकों से उनकी भेंट की व्यवस्था जारी रहेगी। निवेश के नये प्रस्तावों के फॉलोअप की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग, नोडल विभाग के रूप में कार्य करते हुए संबंधित विभागों से, निवेशकों द्वारा प्राप्त प्रस्तावों के फॉलोअप का कार्य करें। समिट में प्रस्तुत प्रस्तावों की अगले सप्ताह समीक्षा की जाएगी। विभाग स्तर पर भी निरंतर समीक्षा की जाए। बैठक में भोपाल में एक कन्वेंशन सेंटर बनवाने पर भी चर्चा हुई।
प्रमुख सचिव ने दिया प्रजेंटेशन
प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मनीष सिंह ने प्रजेंटेशन दिया। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 10 पार्टनर कंट्री जापान, कनाडा, नीदरलैंड, गुयाना, मॉरीशस, बांग्लादेश, जिंबाब्वे, सूरीनाम, पनामा और फिजी शामिल हुए और प्रदर्शनी में स्टाल भी लगाए। कुल 35 देशो के एंबेसेडर, काउंसलेट जनरल या डिप्टी चीफ ऑफ मिशन उपस्थित रहे। लगभग 450 इंटरनेशनल बिजनेस डेलीगेट्स और 400 इंटरनेशनल बायर-सेलर शामिल हुए। लगभग 5000 डेलीगेट्स आए। करीब 10 हजार लोगों ने प्रदर्शनी देखी। जी-20 के सभी देश समिट में आए। समिट में विभिन्न सेक्टर्स की 2600 से ज्यादा मीटिंग हुईं। मुख्यमंत्री से निवेशकों की 100 से अधिक वन टू वन बैठकें हुईं। अन्य 200 बैठकों में भी 5000 से ज्यादा व्यापारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया।