सीएम डॉ. मोहन यादव
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर को याद करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन मानवता के उच्च आदर्शों का प्रतीक है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उन्होंने भगवान महावीर के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान करते हुए कहा कि उनका जीवन और उपदेश आज भी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान महावीर का संपूर्ण जीवन अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह जैसे महान सिद्धांतों का प्रतीक है। उन्होंने न केवल इन सिद्धांतों का पालन किया, बल्कि समाज को भी इन्हें अपनाने की राह दिखाई।
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मुख्यमंत्री कहा कि संसार को 'जियो और जीने दो' का सन्मार्ग दिखाने वाले भगवान महावीर के उपदेश सभ्य समाज के निर्माण के लिए आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने तब थे। उनका जीवन दर्शन केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक एवं नैतिक दृष्टिकोण से भी मानव जीवन को दिशा देने वाला है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे इस पावन अवसर पर भगवान महावीर के सिद्धांतों को जीवन में अपनाएं। अहिंसा व सत्य के मार्ग पर चलकर समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे को सुदृढ़ करें और हम सब हर्षोल्लास से महावीर जयंती मनाएं।
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सीएम ने कहा कि भगवान महावीर का जीवन अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह जैसे सिद्धांतों का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने इन मूल्यों को न केवल जिया, बल्कि समाज को भी इनका पालन करने की राह दिखाई। अपने आधिकारिक संदेश में डॉ. यादव ने कहा कि भगवान महावीर द्वारा दिया गया "जियो और जीने दो" का सन्देश आज भी सभ्य, शांतिपूर्ण और समरस समाज के निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि इस पावन अवसर पर हम सभी को उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि अहिंसा और सत्य के मार्ग पर चलकर ही समाज में सच्चे अर्थों में शांति और भाईचारा स्थापित किया जा सकता है।
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