मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बैठक में
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को जनजाति मंत्रणा परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जनजातीय वर्ग के कल्याण और उनकी संस्कृति के संरक्षण के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि जनजातीय समाज के धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं में वृद्धि की जाएगी और विद्यार्थियों को आकांक्षा योजना के तहत ऑफलाइन और ऑनलाइन कोचिंग सेवाएं प्रदान की जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह भी बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने जनजातीय मंत्रणा परिषद की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने और वरिष्ठ अधिकारियों से समय-समय पर परामर्श करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन हो सके।
जनजातीय संस्कृति और धार्मिक स्थलों का विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन क्षेत्रों में स्थित देव स्थलों पर पूजा-पाठ की सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। वन विभाग को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, जनजातीय संस्कृति को संरक्षित करने के लिए धार्मिक मुखियाओं और विशेषज्ञों की मदद से विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आकांक्षा योजना का विस्तार
जनजातीय विद्यार्थियों को शासकीय सेवाओं और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए बेहतर कोचिंग सुविधा देने के उद्देश्य से आकांक्षा योजना का विस्तार किया जाएगा। अब उन्हें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
जनजातीय नायकों को मिलेगा सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती, वीरांगना अवंतीबाई लोधी, टंट्या मामा और गोंड राजा भभूत सिंह की स्मृति में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा, सिंग्रामपुर में मंत्री-परिषद की बैठक, सागर में वीरांगना अवंतीबाई विश्वविद्यालय और खरगोन में क्रांतिसूर्य टंट्या मामा विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है।