फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP News: समाधान ऑनलाइन में सीएम ने सीधे सुने 12 जिलों के 12 केस, डीएफओ को नोटिस, चार पटवारी निलंबित

Mon, 08 Sep 2025 10:45 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समाधान ऑनलाइन में अलग-अलग जिलों के 12 प्रकरणों की सीधे सुनवाई की। इस दौरान गड़बड़ी और लापरवाही पर अधिकारियों को शोकॉज नोटिस के साथ ही निलंबित करने के आदेश दिए।
विज्ञापन
सीएम ने ऑनलाइन समाधान में सीधे जनसुनवाई की - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को समाधान ऑनलाइन में प्रदेश के 12 जिलों के 12 अलग-अलग प्रकरणों की सीधी सुनवाई की और आवेदकों से बात कर मामले के निराकरण की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान गड़बड़ी और लापरवाही पर एक डीएफओ को शोकॉज नोटिस जारी किया गया, जबकि चार पटवारियों को निलंबित करने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने नगारिक सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी किए। सीएम ने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक और जरूरतमंद को सुशासन का सीधा लाभ मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कलेक्टर्स सरकार की योजनाओं के डिलेवरी सिस्टम की बेहतरी और मजबूती के लिए सतत प्रयास करें। नागरिकों के काम समय पर हों और उन्हें अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए यहां-वहां भटकना न पड़े, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आवेदकों की समस्याएं रूटीन कोर्स में जिला स्तर पर ही निराकृत हो जाएं, आवेदकों को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने की स्थिति ही नहीं आनी चाहिए। यदि कोई मसला समाधान ऑनलाइन तक आ रहा है, तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिलों में नागरिकों को बेहतर प्रशासन एवं व्यवस्थाओं को जनहितैषी (कस्टमर फ्रेंडली) बनाकर उनका विश्वास हासिल करें। सीएम ने समाधान ऑनलाइन में बालाघाट, उमरिया, देवास, भिंड, पन्ना, शहडोल, मऊगंज, कटनी, पांढुर्णा, टीकमगढ़, रायसेन एवं दमोह जिले के 12 प्रकरणों में सीधी सुनवाई की।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  MP News: मध्य प्रदेश में 20 आईपीएस के तबादले, धार और अशोकनगर के एसपी को हटाया, 18 डीआईजी इधर से उधर

बालाघाट के डीएफओ को नोटिस
बालाघाट के झुन्नालाल पनकू ने बांस कटाई की मजदूरी की राशि पांच साल से न दिए जाने की शिकायत की थी। इस मामले को सीएम ने गंभीरता से लिया। एसीएस वन ने बताया कि आवेदक को उसकी मजदूरी की राशि दे दी गई है और देरी के लिए जिम्मेदार संबंधित वन मंडलाधिकारी को कारण बताओ नोटिस देकर अन्य पर भी कार्यवाही की गई है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  MP News: भोपाल में PWD चीफ इंजीनियर के घर सत्यनारायण कथा का अनोखा आमंत्रण, सरकारी नोटशीट जारी कर बुलाया

लंबित स्वत्वों का हुआ भुगतान
उमरिया जिले के में एक सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी स्व. धीरज प्रसाद कोल के पुत्र ने शिकायत की कि उन्हें पेंशन नहीं मिल रही है। स्व. कोल जनजातीय कार्य विभाग में पदस्थ थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से जवाब मांगा तो आयुक्त कोष एवं लेखा ने बताया कि सेवानिवृत्त कर्मचारी का पीपीओ संबंधित बैंक से गुम हो जाने के लिए कारण विलंब हुआ। अब सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी के परिजन को पेंशन के साथ लंबित स्वत्वों का भुगतान कर दिया गया है।

ये भी पढ़ें-  MP News: एमपी बनेगा इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्यूफैक्चरिंग हब, CM बोले- प्रदेश ईवी में बनेगा देश का आदर्श राज्य

कम्प्यूटर ऑपरेटर और लेखापाल की सेवा समाप्त 
देवास की आवेदिका प्रियंका पत्नी हिमांशु दीक्षित ने कहा कि उसे प्रसूति सहायता के 12 हजार रुपए नहीं मिले। कलेक्टर देवास ने बताया प्रसूति सहायता की राशि आवेदिका को उपलब्ध करा दी गई है। इस मामले में विलम्ब के लिए जिम्मेदार आउटसोर्स कम्प्यूटर ऑपरेटर और तत्कालीन संविदा लेखापाल की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं और बहुउद्देशीय कार्यकर्ता को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही जिला चिकित्सालय के सहायक अस्पताल प्रबंधक की दो वेतनवृद्धियां रोकी गई हैं। वर्तमान संविदा लेखापाल को शोकॉज नोटिस जारी कर 10 दिन का वेटन काटा गया है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक को भी शोकॉज नोटिस देकर 7 दिन का वेतन काटा गया है। तत्कालीन सिविल सर्जन-सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक एवं वर्तमान सीएमएचओ देवास की एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी गई है।

4 पटवारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई
भिण्ड के आवेदक रामरतन ने उसकी खसरा ऑनलाईन अपडेट नहीं किए जाने की शिकायत की थी। बताया गया कि इस मामले में देरी के लिए जिम्मेदार तत्समय से अब तक के 4 पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है और तत्समय से अब तक के 4 तहसीलदारों के विरूद्ध कार्यवाही का प्रस्ताव भेजा गया है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  MP News: गौ-शालाएं स्वावलंबी बनाना जरूरी, सीएम बोले-प्रदेश में देसी नस्ल के गोपालन को प्रोत्साहित किया जाए

9976 रुपए का फर्जी बिल, मीटर रीडिर की सेवा समाप्त
दमोह के आवेदक करण सिंह लोधी की पत्नी सुमन्तरा लोधी ने बिजली बिल में गड़बड़ की शिकायत की थी। उसने कहा कि उसका बिल 9 हजार 976 रूपए आया था, जबकि वास्तविक बिल 214 रूपए था। इस पर अपर मुख्य सचिव ऊर्जा ने बताया कि मीटर रीडर द्वारा रीडिंग लेने में त्रुटि की गई थी। इसलिए उसकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। संबंधित जूनियर इंजीनियर की दो वेतनवृद्धि रोक दी गई हैं। संबंधित परिक्षेत्र के अधीक्षण अभियंता पर भी कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री ने आवेदिका से चर्चा की। आवेदिका ने कहा कि समाधान ऑनलाईन में आने के बाद ही उसके मामले का हल हो गया है। आवेदिका ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देकर कहा कि उसे प्रधानमंत्री आवास भी चाहिए। मुख्यमंत्री ने समाधान ऑनलाईन से ही सुमन्तरा को प्रधानमंत्री आवास मंजूर होने की जानकारी दी।

ये भी पढ़ें-  MP: मोदी 17 सितंबर को जन्मदिन पर देंगे धार के पीएम मित्रा पार्क की सौगात, 20 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले

जावेद अफ्तार को मिला पीएम आवास 
कटनी के आवेदक जावेद अफ्तार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत मकान न मिलने की शिकायत की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आवेदक से चर्चा कर समस्या की जानकारी ली। अपर मुख्य सचिव नगरीयविकास ने बताया कि आवेदक को 26 अगस्त को ही उसके द्वारा चाहा गया मकान नंबर-45 दे दिया गया है।

ये भी पढ़ें-  MP News: एमपी सरकार दुष्कर्म के आरोपी को 25 लाख मुआवजा,  कोर्ट बोला- सजा पूरी होने पर रिहा क्यों नहीं किया

देरी के लिए संबंधित उपायुक्त पर भी हो कार्रवाई
टीकमगढ़ के एक आवेदक ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की थी, उसके पत्नी के साथ दुराचार हुआ था। अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत उसे एक लाख रुपये की राहत राशि तो दे दी गई है, परंतु शेष तीन लाख रुपये राहत राशि के लिए उसे परेशान होना पड़ा। अब जाकर उसे यह राशि मिल गई है। प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण ने बताया कि संबंधित दोषी अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। जिला संयोजक पर भी कार्यवाही प्रस्तावित की गई है। कलेक्टर ने बताया कि आवेदक ने यह मामला पहले भी सीएम हेल्पलाइन में लगाया था, जो लेवल-3 तक पहुंचा था, परंतु तत्समय की संभागीय उपायुक्त ने यह कहकर इस मामले को क्लोज कर दिया था कि यह मामला मांग/सुझाव श्रेणी में आता है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देरी के लिए जिम्मेदार संबंधित उपायुक्त पर भी कार्यवाही की जाए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें