मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित हुई। इसमें कई अहम प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई है। कैबिनेट की बैठक के बाद उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जानकारी देते हुए बताया कि कैबिनेट ने कई बड़े सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। इसके साथ ही प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य के अंदर छोटे विमानन का संचालन, पीएम-ई बस सेवा और प्रशासनिक इकाई पुर्नगठन आयोग गठित करने समेत कई अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
स्टार्टअप और इन्क्यूबेशन के संबंध में किए जा रहे कार्यों का समावेश सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के अंतर्गत करने के लिए मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन की कार्यवाही किए जाने का निर्णय लिया गया है।
इन सिंचाई परियोजनाओं पर भी लगाई मुहर
राजगढ़ जिले की मोहनपुरा वृहद सिंचाई परियोजना की रिवाइज एस्टीमेंट को मंजूरी दी है। 4,666 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजना से 1,51,495 हेक्टेयर सिंचाई होगी।
सीधी जिले की सीतापुर हनुमना माइक्रो सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय स्वीकृति दी है। 4,167 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजना से 1,20,000 हेक्टेयर सिंचाई का क्षेत्रफल बढ़ जाएगा। इससे सीधी, रीवा, सिंगरौली और मऊगंज जिले के 663 गावों को सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी।
सिवनी और बालाघाट जिले की संजय सरोवर परियोजना की नगरों के विस्तारीकरण, नवीनीकरण एवं आधुनिकीकरण प्रस्ताव को प्रशासनीक स्वीकृति दी गई। करीब 332 करोड़ रुपये की परियोजना से 11,450 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा का लाभ जिले के किसानों को मिलेगा।
बाणसागर बहुउद्देशीय परियोजना के अंतर्गत बहुती नहर को भारत सरकार की मॉडर्नाइजेशन ऑफ कमांड एरिया डेवलपमेंट वर्क (एमसीएडी) अंतर्गत 1,146 करोड़ रुपये की माइक्रो सिंचाई परियोजना में परिवर्तन करने की सैद्धांतिक अनुमति दी गई है। सिंचाई परियोजना से माइक्रो सिंचाई परियोजना में परिवर्तित करने से सिंचाई का एरिया भी बढ़ेगा। इस परियोजना में 60 प्रतिशत राशि केंद्र और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार व्यय कर रही है।