पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया पर लिखते हुए हरदा हादसे के लिए सीधे भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल का अवैध पटाखा फैक्ट्री को संरक्षण था। यादव ने कहा हरदा पटाखा फैक्ट्री का मालिक भाजपा नेता है, इनकी ब्लैक लिस्टेड फैक्ट्री एक बड़े कद्दावर नेता के संरक्षण में चल रही थी, फैक्ट्री में विगत वर्षों में दो बार विस्फोट पहले भी हो चुका है, जिसमें छह लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। यादव ने कहा कि वर्ष 2011 में टीकमगढ़ एवं राऊ में पटाखा फैक्ट्री में 14 लोग एवं 2014 में बड़नगर की पटाखा फैक्टरी में 15 लोगों की मौत हो गई थी। वर्ष 2015 में झाबुआ के पेटलावद ब्लास्ट में 79 लोगों की मौत हुई थी, सरकार ने इन घटनाओं से क्यों कुछ नहीं सीखा?
यादव ने पूछे ये सवाल
यादव ने हरदा की घटना को लेकर कहा कि कुछ सवाल हैं, जिनके जवाब प्रदेश की जनता जानना चाहती है।
1-फैक्ट्री के मालिक के सत्तारूढ़ पार्टी से क्या संबंध है एवं फैक्ट्री मालिक को हरदा के किस नेता का संरक्षण प्राप्त है?
2-ब्लैक लिस्टेड होने के बाद भी आबादी क्षेत्र में पटाखा फैक्ट्री कैसे संचालित हो रही थी? 3-फैक्ट्री मालिक और संरक्षण देने वालों के खिलाफ सरकार रासुका के तहत कार्यवाही करेगी?
4-जब फैक्ट्री अवैध थी तो इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री कहां से आई?