मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 की मतगणना में गड़बड़ी को रोकने के लिए कांग्रेस हर राउंड का सर्टिफिकेट लेगी। कांग्रेस ने तीन दिसंबर को होने वाली वोट काउंटिंग के लिए खास रणनीति बनाई है। इसके तहत प्रत्येक विधानसभा सीट पर ईवीएम के हर राउंड के पूरा होने के तुरंत बाद ही उसका प्रमाण पत्र लिया जाएगा, ताकि अंत में किसी भी प्रकार के कोई बदलाव की गुंजाइश न रहे।
बता दें कि इससे पहले साल 2018 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने यही रणनीति अपनाई थी। इसके बाद कांग्रेस को सत्ता हासिल हुई थी। ऐसे में 2023 के लिए भी कांग्रेस ने तय किया है कि काउंटिंग इंचार्ज से हर राउंड का प्रमाण लेंगे।
पोस्टल बैलेट पर भी रहेगी नजर
इधर, कांग्रेस अपने सभी 230 उम्मीदवारों और उनके एजेंट्स को ट्रेनिंग देगी। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में 26 तारीख को ट्रेनिंग सेशन रखा गया है। इसके लिए उन्हें भोपाल बुलाया गया है। इस ट्रेनिंग कैम्प में सभी प्रत्याशियों और काउंटिंग एजेंट्स को मतगणना से संबंधित जानकारी और ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्हें पोस्टल बैलेट वोट को लेकर भी बताया जायेगा कि किस तरह से इनकी गिनती पर नजर बनाए रखनी है।
इनका कहना है
पूर्व मंत्री व कांग्रेस के 230 प्रत्याशियों में से एक राजेंद्र सिंह ने बताया कि तीन दिसंबर को होने वाली वोट काउंटिंग से 26 नवंबर को एक स्पेशल ट्रेनिंग है। इसमें प्रत्याशियों को खास टिप्स दिए जायेंगे। हर राउंड का प्रमाण पत्र हम लेंगे। इससे टोटल काउंटिंग में आसानी होती है और गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं रह जाती है। एक प्रकार से ये प्रमाण पत्र गणना का सबूत होते हैं।